Shashi Tharoor vs Ramchandra Guha: Political debate over statements on Rahul Gandhi
Trump statement on PM Modi को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor reaction) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिक्रिया का स्वागत करते हुए साथ ही उन्हें सावधानी से आगे बढ़ने की सलाह दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत और पीएम मोदी को “अच्छा दोस्त” बताते हुए दोनों देशों के संबंधों को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ते हुए कहा कि भारत-अमेरिका संबंध खास हैं, हालांकि उन्होंने मोदी के कुछ हालिया फैसलों पर असहमति भी जताई। इस बयान के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने भी इसे सराहा और भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बताया।
हालांकि थरूर ने कहा कि इस प्रकार की सकारात्मक टिप्पणियों का स्वागत तो है, लेकिन उन्हें बिना सोचे-समझे स्वीकार करना उचित नहीं होगा। थरूर ने यह भी कहा कि भारत को ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए 50% tariff से नुकसान उठाना पड़ा है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि ट्रंप की उतावली प्रतिक्रियाओं से भारत की छवि को नुकसान हुआ है, और आम भारतीयों को आर्थिक दुष्परिणाम झेलने पड़े हैं। थरूर ने दोनों देशों की सरकारों और राजनयिकों से आग्रह किया कि उन्हें “सुधार का काम” करना चाहिए और भविष्य की बातचीत में सावधानी बरतनी चाहिए।
इसके अलावा, थरूर ने Russia oil deal controversy पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक की भारत-रूस व्यापार को लेकर की गई टिप्पणियों की आलोचना करते हुए कहा कि भारत ने हमेशा परिपक्वता के साथ कदम उठाए हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पहले की अमेरिकी सरकारों ने भी वैश्विक तेल कीमतों को स्थिर रखने के लिए भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए प्रेरित किया था। थरूर ने स्पष्ट कहा कि चीन, तुर्किए और यूरोप जैसे देशों द्वारा रूस से तेल खरीदने पर कोई सवाल नहीं उठता, फिर भी भारत को कटघरे में खड़ा करना अमेरिका की नीति में पक्षपात दर्शाता है।
थरूर ने अंत में कहा कि भारत एक संप्रभु देश है और अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार निर्णय लेता रहेगा। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ट्रंप के बयान का स्वागत करते हुए भारत-अमेरिका साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई है। जयशंकर ने कहा कि मोदी और ट्रंप के बीच व्यक्तिगत संबंध हमेशा अच्छे रहे हैं, और दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है।
यह पूरा मामला भारत और अमेरिका के रिश्तों में संतुलन बनाए रखने, आर्थिक हितों की रक्षा करने और वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूती देने का संकेत देता है। साथ ही यह भी साफ करता है कि राजनीतिक बयानबाज़ी से ऊपर उठकर राजनयिक संयम और विवेक आवश्यक है।