डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का जन्म 1 अप्रैल 1889 को नागपुर में हुआ। वे भारतीय समाज और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS Founder) के लिए एक प्रेरणास्रोत बने। उनका उद्देश्य था ऐसा समाज बनाना, जो आंतरिक संघर्षों से मुक्त हो और एकजुटता के बल पर भविष्य में स्वतंत्र और सशक्त रहे।
RSS की स्थापना और नामकरण
1925 में विजयदशमी के दिन उन्होंने RSS की स्थापना की।
प्रारंभ में संघ का नाम तय नहीं था; गहन विचार-विमर्श के बाद एक साल बाद इसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नाम दिया गया।
पहला उद्घाटन सरल था: “मैं आज संगठन स्थापना की घोषणा करता हूं।”
स्वतंत्रता संग्राम में योगदान
हेडगेवार कांग्रेस के सक्रिय सदस्य रहे और नागपुर अधिवेशन आयोजित करने में भूमिका निभाई।
असहयोग आंदोलन में भाग लिया और स्वतंत्रता के लिए भाषण देने के कारण एक साल कारावास भुगता।
अनुशीलन समिति और पुलिन बिहारी बोस से जुड़ाव के कारण ब्रिटिश सरकार के निशाने पर रहे।
स्वयंसेवक और सामाजिक सेवा
डॉ. हेडगेवार ने युवाओं को प्रेरित किया और आज RSS Volunteer Network के माध्यम से देशभर में शिक्षा, स्वास्थ्य और जनजातीय सेवा परियोजनाओं का संचालन किया जा रहा है।
संघ परिवार के 30,000+ सेवा प्रोजेक्ट्स, जैसे छात्रावास, स्कूल, चिकित्सा केंद्र, महिला स्वावलंबन योजनाएं आदि, आज देश में कार्यरत हैं।
जातिवाद और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ संघ के कार्यकर्ताओं ने मूक क्रांति शुरू की।
शिक्षा और सामाजिक संस्थान
संघ का Vidya Bharati Network देश में सबसे बड़ा शिक्षा नेटवर्क संचालित करता है।
आज 25,000+ स्कूल, 2.5 लाख छात्र और 1 लाख शिक्षक देशभर में कार्यरत हैं।
उत्तर-पूर्व से लेकर लद्दाख, राजस्थान, जम्मू-पंजाब तक ये स्कूल शिक्षा और सामुदायिक विकास में योगदान दे रहे हैं।
राष्ट्रीयता और सामाजिक जागरूकता
डॉ. हेडगेवार ने भारतीय समाज में राष्ट्रीय चेतना और संस्कार स्थापित किए।
स्वतंत्रता के बाद उन्होंने भारतीय जनसंघ की स्थापना के लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को प्रेरित किया।
उनकी सोच से प्रभावित होकर आज संघ के स्वयंसेवक प्राकृतिक आपदा, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक न्याय में अग्रणी हैं।
पैतृक गांव और केशव बाल विद्या मंदिर
हेडगेवार के पैतृक गांव कंदकुर्ती, तेलंगाना में स्थित है।
वहां केशव बाल विद्या मंदिर में लगभग 200 छात्र पढ़ते हैं, जिनमें 30% मुस्लिम छात्र हैं।
गांव में हिंदू और मुस्लिम समुदाय शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व में रहते हैं, और संघ का स्कूल स्थानीय गरीबों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों को शिक्षा प्रदान करता है।
स्वयंसेवक का तपस्वी जीवन
RSS के स्वयंसेवक शिक्षा, स्वास्थ्य, और समाज सुधार के लिए संन्यासी जीवन जीते हैं।
वे बिना किसी प्रचार या मीडिया की चकाचौंध के देशभर में सामाजिक सेवा में लगे रहते हैं।
उनके कार्यों से डॉ. हेडगेवार की दृष्टि और विचारधारा आज भी भारतीय समाज में प्रभावशाली है।
डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की RSS Legacy केवल संगठन तक सीमित नहीं है। उनके दृष्टिकोण ने लाखों स्वयंसेवकों को प्रेरित किया और शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में सक्रिय योगदान दिया। वे भारतीय समाज के सबसे बड़े परिवर्तनकारी नेताओं में से एक हैं, जिनकी सोच आज भी देशभर में प्रतिध्वनित हो रही है।