क्या शिवसेना में बगावत करा रही भाजपा? जिसके नाम पर अफवाह, उस नेता ने क्या बताया

महाराष्ट्र में एक बार फिर राजनीतिक उथल-पुथल के संकेत दिख रहे हैं। यूबीटी नेता और उद्धव ठाकरे के करीबी संजय राउत ने दावा किया था कि एकनाथ शिंदे गुट में नए नेतृत्व का उदय होने वाला है। उन्होंने कहा था कि महाराष्ट्र में उद्योग मंत्री और शिवसेना नेता उदय सामंत के पास 20 शिंदे विधायकों का समर्थन है और इस बात ने एकनाथ शिंदे को टेंशन दे दी है। अब कांग्रेस नेता विजय वेडट्टीवार ने भी बड़ा दावा किया कि शिंदे के व्यवहार से नाराज होकर भाजपा सामंत के रूप में शिवसेना में नए नेतृत्व को बढ़ावा दे रही है। इन आरोपों पर सामंत ने चुप्पी तोड़ी और स्पष्टीकरण जारी किया है।

इससे पहले देवेंद्र फडणवीस सरकार ने शनिवार को राज्य के सभी जिलों के लिए संरक्षक मंत्रियों की नियुक्ति की। इस सूची में शिवसेना के दो वरिष्ठ मंत्रियों दादा भुसे और भरत गोगावले को शामिल नहीं किया गया, जिससे पार्टी में नाराजगी फैल गई और गोगावले ने खुलेआम अपनी नाराजगी व्यक्त की। इसके बाद शिंदे सतारा में अपने पैतृक गांव दारे का दौरा करने के लिए रवाना हो गए, जिससे अटकलें लगाई जाने लगीं कि वह इस फैसले से नाखुश हैं।

सरकार गठन के दौरान भी शिंदे दिसंबर में विभागों के बंटवारे, कैबिनेट में पदों की संख्या समेत अन्य ब्यौरों पर चर्चा के लिए फडणवीस और एनसीपी प्रमुख अजीत पवार के साथ निर्धारित बैठक रद्द करने के बाद अचानक अपने पैतृक गांव की दो दिवसीय यात्रा पर चले गए थे। माना जा रहा है कि पैतृक गांव की अचानक यात्रा शिंदे के असंतोष का प्रमाण है, क्योंकि भाजपा नेतृत्व ने उन्हें मुख्यमंत्री पद के बाद गृह विभाग देने से भी इनकार कर दिया था।