लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से सोमवार को बड़ी राहत मिली। अदालत ने उनके खिलाफ दायर मानहानि मामले में निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दी। केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा नेता अमित शाह के खिलाफ टिप्पणी से जुड़ा यह मामला है। इसे लेकर मानहानि का मामला रद्द करने संबंधी राहुल गांधी की याचिका पर एससी में आज सुनवाई हुई। अदालत ने झारखंड सरकार और स्थानीय भाजपा नेता को नोटिस जारी किया है।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने राहुल गांधी की अपील पर झारखंड सरकार और भाजपा नेता को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा है। पीठ ने कहा, ‘नोटिस जारी किया जाए। अगले आदेश तक मुकदमे की आगे की कार्यवाही पर रोक रहेगी।’ भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता नवीन झा ने अमित शाह के खिलाफ टिप्पणी के लिए 2019 में राहुल गांधी के विरुद्ध मामला दर्ज कराया था। दरअसल, 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले चाईबासा में अपने भाषण के दौरान राहुल ने कथित तौर पर शाह के लिए ‘हत्यारा’ शब्द का इस्तेमाल किया था।
राहुल गांधी की ओर से पेश सीनियर वकील अभिषेक सिंघवी ने कहा कि ऐसे कई फैसले हैं, जिनमें कहा गया कि केवल पीड़ित व्यक्ति ही आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज करा सकता है। उन्होंने दलील दी कि मानहानि की शिकायत किसी प्रॉक्सी थर्ड पार्टी की ओर से दायर नहीं की जा सकती। भाजपा कार्यकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी पेश हुए। बता दें कि राहुल ने झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी है। हाई कोर्ट ने निचली अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ जारी कार्यवाही को रद्द करने का अनुरोध करने वाली उनकी याचिका खारिज कर दी थी।