Amit Shah को मिल सकती है BJP में बड़ी जिम्मेदारी? PM Modi के बयान से तेज़ हुई अटकलें

“अभी तो शुरुआत है… हमें और आगे जाना है।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस संक्षिप्त लेकिन बेहद मजबूत बयान ने भाजपा (BJP) के गलियारों में नई अटकलों को जन्म दे दिया है। मौका था मंगलवार को एनडीए (NDA) संसदीय दल की बैठक का, जहां पीएम मोदी ने अमित शाह को भारत के सबसे लंबे कार्यकाल वाले गृह मंत्री (Longest Serving Home Minister of India) बनने पर बधाई दी।

 मोदी-शाह की जोड़ी फिर सुर्खियों में

भाजपा के भीतर यह बयान सिर्फ एक औपचारिक बधाई नहीं मानी जा रही। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह “राजनीतिक संकेत” हो सकता है कि आने वाले वर्षों में अमित शाह को और भी बड़ी भूमिका मिल सकती है — चाहे वह संगठन से जुड़ी हो या सरकार से।

एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा,

“यह साफ इशारा है कि पार्टी की शीर्ष रणनीति अभी भी मोदी-शाह की कोर टीम से ही संचालित हो रही है।”

अब तक का रिकॉर्ड

अमित शाह: 2,258 दिन (2019 से वर्तमान)

लालकृष्ण आडवाणी: 2,256 दिन (1998–2004)

सरदार पटेल: 1,218 दिन

 अमित शाह की बड़ी उपलब्धियां

Article 370 हटाना (2019 में जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा समाप्त)

NIA और UAPA कानूनों में संशोधन

लेफ्ट विंग एक्स्ट्रीमिज्म में गिरावट (LWE Reduction)

CAA कानून का संचालन

UCC यानी समान नागरिक संहिता को लेकर पहल

डिजिटल निगरानी तंत्र और टेरर फाइनेंसिंग पर सख्ती

2014 से 2024 तक: अमित शाह की सियासी यात्रा

2014 लोकसभा चुनाव: उत्तर प्रदेश में भाजपा को 71 सीटें दिलाने में केंद्रीय भूमिका

2014-2020: पार्टी अध्यक्ष के तौर पर BJP को मणिपुर, त्रिपुरा, असम जैसे राज्यों में स्थापित किया

2019 से अब तक: देश के आंतरिक सुरक्षा तंत्र को नई दिशा दी

 मोदी का भरोसा, “2026 तक खत्म होगा नक्सलवाद”

एनडीए की बैठक में पीएम मोदी ने यह भी भरोसा जताया कि 2026 तक देश से वामपंथी उग्रवाद (Left Wing Extremism) का सफाया कर दिया जाएगा। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि अमित शाह की अगुवाई में सरकार की आंतरिक सुरक्षा रणनीति को निर्णायक रूप दिया जा रहा है।

 सोशल मीडिया पर बधाइयों की बाढ़

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने लिखा:

“अमित शाह जी की अडिग प्रतिबद्धता और ऐतिहासिक फैसले ‘नए भारत’ की नींव को मजबूत कर रहे हैं।”

BJP के आधिकारिक हैंडल से पोस्ट किया गया:

“शाह जी के नेतृत्व में Article 370 हटाना, आतंकवाद पर कड़ा एक्शन, और आंतरिक सुरक्षा को सशक्त बनाना – ये सब मील के पत्थर हैं।”