ऑपरेशन महादेव में बरामद हाई-टेक डिवाइसेज से खुल सकते हैं पाकिस्तान कनेक्शन

Pahalgam Encounter Update: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम इलाके में हाल ही में चले Operation Mahadev के दौरान मारे गए आतंकियों के पास से कई high-tech gadgets बरामद हुए हैं, जिनमें तीन मोबाइल फोन, दो LoRa (Long Range) कम्युनिकेशन सेट, और NADRA कार्ड की तस्वीरें प्रमुख हैं। सुरक्षा एजेंसियां इन डिवाइसेज को आतंकियों के Pakistan-based terror network से जोड़कर देख रही हैं।

क्या है LoRa सेट और इसका इस्तेमाल कैसे करते हैं आतंकी?

LoRa (Long Range Radio Communication) एक ऐसी तकनीक है जो बिना cellular नेटवर्क के, लंबी दूरी तक encrypted communication की सुविधा देती है। LoRa सेट आमतौर पर cross-border infiltrations के दौरान आतंकियों द्वारा इस्तेमाल किए जाते हैं, क्योंकि इन्हें ट्रैक करना मुश्किल होता है। हालांकि, switch on होते ही इनकी approximate location (3–5 km range) का पता लगाया जा सकता है।

मोबाइल डेटा और पाकिस्तानी पहचान पत्र से मिल सकते हैं सुराग

सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, mobile phones में मौजूद डेटा से आतंकियों के local contacts, planning documents, और photo records जैसे कई अहम सुराग मिल सकते हैं। मोबाइल से दो Pakistani NADRA ID Cards की तस्वीरें भी बरामद हुई हैं, जो मारे गए आतंकियों की verified identity में मदद करेंगी। NADRA कार्ड पाकिस्तान सरकार द्वारा जारी किए जाते हैं और वहां के नागरिकों की आधिकारिक पहचान का माध्यम होते हैं।

आतंकियों के पास से बरामद हुआ यह सारा सामान

सुरक्षा बलों ने आतंकियों के पास से जो सामान बरामद किया, उसमें शामिल हैं:

  • 3 मोबाइल फोन

  • 2 LoRa कम्युनिकेशन सेट

  • GoPro कैमरे के लिए हार्नेस

  • 28 वॉट का सोलर चार्जर

  • 3 मोबाइल चार्जर

  • Swiss Military power bank

  • दवाइयां, सूखा राशन, स्टोव और बड़ी मात्रा में चाय

  • सुई-धागे और दैनिक उपयोग के अन्य सामान

  • श्रीनगर और गांदरबल के नाम पर दो भारतीय आधार कार्ड

  • भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद

नकली आधार कार्डों का उपयोग और सुरक्षा पर खतरा

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि Pakistani terrorists अक्सर fake Aadhaar cards का इस्तेमाल करते हैं ताकि police checkpoints पर खुद को स्थानीय नागरिक के रूप में पेश कर सकें। ये forged documents या तो Over Ground Workers (OGWs) से प्राप्त किए जाते हैं या उन्हीं के नाम पर बने होते हैं।

पुराना ट्रेंड लेकिन नया अलर्ट

यह पहला मौका नहीं है जब LoRa सेट या विदेशी पहचान पत्र आतंकियों के पास से मिले हों। पिछले दो वर्षों में Poonch-Rajouri सेक्टर में हुए हमलों में शामिल आतंकियों के पास से भी LoRa डिवाइसेज बरामद हुए थे, जिनके चलते 50 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की जान गई थी।

क्या मिलेगा पाकिस्तानी आतंकी नेटवर्क का डिजिटल खाका?

NTRO (National Technical Research Organisation) अब इन सभी डिवाइसेज की deep forensic जांच कर रहा है, जिससे आतंकियों की लोकेशन history, communication patterns और नेटवर्क कनेक्शन का खुलासा संभव हो सकेगा।

यदि इन डिवाइसेज से निकले डेटा में पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स या cross-border कम्युनिकेशन के सबूत मिलते हैं, तो यह India’s Counter-Terrorism Agencies के लिए एक बड़ी कामयाबी मानी जाएगी।