संसद टीवी विवाद: क्या PM की गैरमौजूदगी में हुआ था बड़ा संवैधानिक उल्लंघन?

Vice President Jagdeep Dhankhar द्वारा इस हफ्ते अचानक दिया गया इस्तीफा राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का विषय बन गया है। भले ही उन्होंने health reasons का हवाला दिया हो, लेकिन सूत्रों का दावा है कि इसके पीछे April 2025 में हुई एक बड़ी नियुक्ति की कोशिश असली कारण हो सकती है।

दरअसल, अप्रैल में जब PM Narendra Modi विदेश दौरे पर थे, तब उपराष्ट्रपति धनखड़ ने Sansad TV के सचिव और इन-चार्ज पद पर एक junior officer की नियुक्ति करने की कोशिश की थी, जो उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर था।

 कैसे खड़ा हुआ Constitutional Crisis?

सूत्रों के अनुसार, उपराष्ट्रपति ने सचिव रजित पुहनानी के कौशल विकास मंत्रालय में ट्रांसफर के बाद एक कनिष्ठ अधिकारी को संसद टीवी का प्रभारी बनाने का प्रयास किया था। लेकिन यह पद Cabinet Appointments Committee (ACC) के अधीन आता है, न कि उपराष्ट्रपति या राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में।

जब अधिकारियों को इस बात का पता चला, तब उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप कर इस अवैध नियुक्ति को रोक दिया। संबंधित अफसर को स्पष्ट हिदायत दी गई कि वह joining न करें और अगर कोई दबाव बनाया जाए तो leave पर चले जाएं।

 PMO और राज्यसभा सचिवालय में कई दौर की बातचीत

इस विवाद ने इतना तूल पकड़ा कि Cadre Controlling Authorities, Prime Minister’s Office (PMO) और Rajya Sabha Secretariat के बीच कई दौर की बातचीत हुई। यह मामला संवैधानिक मर्यादाओं को लांघने का बन गया था, जिससे सरकार को बड़ा संकट झेलना पड़ा।

 क्या इसी वजह से देना पड़ा इस्तीफा?

धनखड़ ने भले ही अपने resignation letter में स्वास्थ्य कारणों की बात कही हो, लेकिन जिस तरह यह नियुक्ति विवाद सामने आया, उससे यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या यह Episode उनके Exit की असली वजह बना?
विशेषज्ञों का मानना है कि इतने संवेदनशील पद पर रहते हुए constitutional boundaries को लांघना सरकार के लिए एक high-risk precedent बन सकता था।

 Vice President Election Process शुरू

धनखड़ के इस्तीफे के बाद अब Vice President of India Election 2025 के लिए प्रक्रिया तेज कर दी गई है। Election Commission ने राज्यसभा के महासचिव पी.सी. मोदी को निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया है।
राज्यसभा सचिवालय की गरिमा जैन और विजय कुमार को सहायक निर्वाचन अधिकारी बनाया गया है। धनखड़ का कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था, लेकिन उनके early resignation के बाद अब उपराष्ट्रपति का चुनाव जरूरी हो गया है।

  सिर्फ Health Issue या Hidden Pressure?

भले ही जनता के सामने कारण स्वास्थ्य बताया गया हो, लेकिन अंदरखाने जो जानकारी निकलकर सामने आ रही है, वह साफ इशारा करती है कि सत्ता के शीर्ष पर संवैधानिक मर्यादाओं की अनदेखी कोई छोटा मुद्दा नहीं होता।
Unauthorized Appointment Attempt, PM की गैरमौजूदगी में बड़ा निर्णय, और सरकारी हस्तक्षेप से रुकी कार्रवाई—इन सभी घटनाक्रमों ने मिलकर Jagdeep Dhankhar के इस्तीफे की पृष्ठभूमि तैयार की।