शादी टूटने के बाद अक्सर महिलाएं Court में Stridhan Recovery Petition दाखिल करती हैं, जिसमें वे विवाह के समय मिली संपत्ति और उपहारों की वापसी की मांग करती हैं। लेकिन दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने इस विषय पर एक अहम फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि हर शादी में दी गई वस्तु Stridhan नहीं मानी जा सकती।
Stridhan और Gift में फर्क ज़रूरी
इस केस में महिला ने दावा किया था कि शादी के समय उसे Scorpio Car और अन्य कीमती सामान Stridhan के रूप में दिया गया था। लेकिन कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता संपत्ति या वस्तुओं का Ownership प्रमाणित करने में असफल रही। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सोनिका की अदालत ने कहा कि याचिका में प्रस्तुत सूची न तो Evidence-backed है और न ही इसके साथ कोई Bill, Photograph या Witness affidavit संलग्न है।
Scorpio Car Stridhan नहीं!
याचिकाकर्ता ने अदालत में दावा किया कि उसकी शादी 24 अक्टूबर 2021 को हुई थी और उस दौरान उसे कई महंगे सामानों के साथ Scorpio Car भी दी गई थी। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि शादी के बाद उसे Domestic Violence का सामना करना पड़ा, जिससे उसे ससुराल छोड़नी पड़ी।
महिला ने कहा कि ससुराल वालों ने Stridhan लौटाने से इनकार कर दिया, जबकि पहले इस पर समझौता भी हो चुका था।
Fake Dowry List का आरोप
वहीं, प्रतिवादी पक्ष के वकील मनीष भदौरिया ने तर्क दिया कि यह याचिका केवल पैसे ऐंठने और मानसिक दबाव बनाने के लिए दाखिल की गई है। उन्होंने कहा कि जिस Car की बात हो रही है, वो असल में याचिकाकर्ता की बहन को दी गई थी, जिसकी शादी भी उसी दिन हुई थी। साथ ही उन्होंने दहेज सूची को Fabricated Document बताया।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि केवल विवादित और अप्रमाणित लिस्ट के आधार पर Stridhan की मांग न्यायसंगत नहीं है। इसलिए महिला की याचिका को Reject कर दिया गया।