गुजरात पुल हादसा: 17 मौतें और 4 इंजीनियर सस्पेंड, जानिए सरकार ने क्या कदम उठाया

Vadodara Bridge Accident News: गुजरात के वडोदरा जिले में Mahisagar नदी पर स्थित Mujpur-Gambhira Bridge हादसे के बाद सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए Road and Buildings Department के चार वरिष्ठ इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है। राज्य सरकार ने यह कदम initial investigation report के आधार पर उठाया है, जिसमें इन अधिकारियों की लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण बताया गया है।

हादसे के लिए कौन-कौन अधिकारी ज़िम्मेदार?

राज्य सरकार ने Executive Engineer N.M. Naikwala, Deputy Executive Engineers U.C. Patel और R.T. Patel, और Assistant Engineer J.V. Shah को suspension order जारी कर दिया है। इन पर पुल की मरम्मत, निरीक्षण और गुणवत्ता जांच में गंभीर लापरवाही का आरोप है।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का एक्शन

गुजरात के मुख्यमंत्री Bhupendra Patel ने हादसे के तुरंत बाद एक high-level technical inquiry के आदेश दिए थे। विशेषज्ञों की एक टीम को यह जांच सौंपी गई थी कि हाल में किए गए मरम्मत कार्य और संरचनात्मक गुणवत्ता में क्या खामी रही। जांच में इन चार इंजीनियरों की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद सरकार ने यह सख्त कदम उठाया।

रेस्क्यू ऑपरेशन में अब तक 17 शव मिले

Vadodara SP Rohan Anand के मुताबिक, बचाव और तलाश अभियान अब भी जारी है। अब तक 17 लोगों के शव नदी से निकाले जा चुके हैं, जबकि 3-4 लोग अभी भी लापता हैं। हादसे में 9 लोग घायल हुए थे, जिनमें से 5 को वडोदरा के SSG Hospital और Padra CHC में भर्ती कराया गया था। अब तक 6 घायल मरीजों को छुट्टी दी जा चुकी है, जबकि 3 का इलाज अब भी जारी है।

कैसे हुआ हादसा?

बुधवार, 9 जुलाई को वडोदरा के Padra क्षेत्र में स्थित इस पुल का एक बड़ा स्लैब अचानक ध्वस्त (collapsed) हो गया। यह पुल मजपुर और गंभीरा गांवों को जोड़ता है और हादसे के समय कई वाहन उस पर से गुजर रहे थे, जो सीधे Mahisagar नदी में जा गिरे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुल के नीचे कोई चेतावनी चिन्ह या संकेत नहीं लगाया गया था।