MBA से लेकर MBBS तक फर्जी! दिल्ली-NCR में डिग्री रैकेट का भंडाफोड़, कीमत 2 से 20 लाख
दिल्ली-NCR में fake degrees racket का बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे संगठित गिरोह को गिरफ्तार किया है, जो दो लाख से लेकर 20 लाख रुपये तक में MBA, BAMS, MBBS, BSc, LLB, PhD जैसी डिग्रियां बेचता था। अब तक इस रैकेट के जरिए 5,000 से ज्यादा फर्जी डिग्रियां जारी की जा चुकी हैं।
कैसे हुआ खुलासा?
स्पेशल सीपी (क्राइम) देवेश चंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक, सूचना मिली थी कि नेताजी सुभाष प्लेस इलाके के एक संस्थान से फर्जी सर्टिफिकेट बेचे जा रहे हैं। इस पर इंस्पेक्टर मनमीत मलिक की टीम ने छापा मारा और विक्की हरजानी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। पूछताछ में अन्य आरोपियों—विवेक सिंह, सतवीर सिंह, नारायण और अवनीश कंसल—का नाम सामने आया, जिन्हें बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।
क्या-क्या मिला?
छापेमारी में इनके कब्जे से बरामद हुआ:
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228 मार्कशीट
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27 फर्जी डिग्रियां
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18 माइग्रेशन सर्टिफिकेट
जांच में सामने आया है कि ये दस्तावेज पुरानी तारीखों में तैयार किए जाते थे और संबंधित विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड में दर्ज भी कराए जाते थे, जिससे verification के दौरान असली लगें।
डिग्री के बदले मोटी रकम, वैध फीस के नाम पर वसूली
गिरोह ने छात्रों से वैध फीस के नाम पर ही पैसे वसूले ताकि पूरा लेन-देन असली लगे।
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MBA, BAMS, MBBS जैसी डिग्रियों के लिए 8-20 लाख रुपये तक
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BA, BSc जैसी डिग्रियों के लिए 2-5 लाख रुपये तक
डिग्री की प्रतिष्ठा और कोर्स के स्तर के अनुसार फीस तय होती थी।
फर्जी संस्थानों और सोशल मीडिया के जरिए बनाते थे ग्राहक
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आरोपी फर्जी शैक्षणिक संस्थान चला रहे थे
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे Facebook, Instagram, Telegram, WhatsApp पर विज्ञापन
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स्टूडेंट एरिया में पंपलेट बांटकर करते थे प्रचार
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छात्रों को “बिना पढ़ाई, बिना परीक्षा” डिग्री दिलाने का वादा किया जाता था