India’s Fifth Generation Fighter Jet: AMCA के लिए ADA ने खोला रास्ता, कंपनियों को आमंत्रण

भारत ने पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान (Fifth Generation Fighter Jet India) के स्वदेशी निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया है। यह परियोजना एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के तहत की जा रही है, जिसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) विकसित कर रही है।

इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में अब भारतीय निजी कंपनियों को भी भागीदारी का अवसर दिया जा रहा है। ADA ने बुधवार को Expression of Interest (EOI) जारी कर योग्य भारतीय कंपनियों को इस परियोजना में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है। यह EOI उन कंपनियों को शॉर्टलिस्ट करेगा जो तकनीकी रूप से सक्षम हैं और जो AMCA के डिजाइन, प्रोटोटाइप निर्माण (Prototype Manufacturing) और फ्लाइट टेस्टिंग जैसे जटिल चरणों में भागीदारी कर सकती हैं।

कैसे चुनी जाएंगी कंपनियां?

ADA के अनुसार, इच्छुक कंपनियां एकल इकाई (Single Entity), संयुक्त उद्यम (Joint Venture) या कंसोर्टियम (Consortium) के रूप में आवेदन कर सकती हैं। शर्त यह है कि वे भारतीय कानूनों और रक्षा मानकों का पूर्ण पालन करें। दो इंजन वाला यह स्टेल्थ फाइटर जेट, भारत को अमेरिका और चीन के बाद तीसरा ऐसा देश बनाएगा जिसके पास स्वदेश में निर्मित पांचवीं पीढ़ी का युद्धक विमान होगा।

रक्षा मंत्री की मंजूरी से मिली रफ्तार

इससे पहले मई 2025 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने AMCA प्रोजेक्ट के Implementation Model को मंजूरी दी थी। यह कदम भारत के ‘Make in India in Defence’ विजन को और गति देगा। वर्तमान में केवल अमेरिका (F-22 Raptor, F-35 Lightning) और चीन (J-20, J-35) के पास ही पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर जेट्स हैं।

अब भारत भी इस टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है, जिससे न सिर्फ उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा, बल्कि Defence Export Potential भी काफी हद तक बढ़ेगा।