G7 Summit 2025: PM Modi reaches Canada, India's strong presence on the global stage!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया Cyprus Visit केवल एक सामान्य द्विपक्षीय यात्रा नहीं थी, बल्कि इसने भारत की विदेश नीति (Foreign Policy) को एक नया कूटनीतिक आयाम दे दिया है। साइप्रस के राष्ट्रपति Nikos Christodoulides के साथ बैठक के दौरान PM मोदी ने पश्चिम एशिया और यूरोप में जारी संघर्षों पर चिंता जताते हुए स्पष्ट किया – “यह युद्ध का युग नहीं है।”
लेकिन चर्चा का असली केंद्रबिंदु वह तस्वीर बनी जिसमें PM मोदी और साइप्रस राष्ट्रपति एक ऊंची इमारत से उस इलाके की ओर देखते नजर आए जो Turkey के अवैध कब्जे में है। यह दृश्य ही तुर्किये के लिए भारत की अप्रत्यक्ष चेतावनी माना जा रहा है, जिसने हाल ही में India-Pakistan tensions के दौरान खुलकर इस्लामाबाद का समर्थन किया था।
साइप्रस को मिला भारत का पूर्ण समर्थन
वार्ता के बाद दोनों नेताओं ने Defence, Technology, Renewable Energy, Climate Justice और Cross-border Terrorism जैसे अहम मुद्दों पर सहयोग मजबूत करने की बात कही। PM मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि भारत, सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में साइप्रस के समर्थन का आभारी है।
Joint Statement में यह दोहराया गया कि भारत और साइप्रस, आतंकवाद, हिंसक उग्रवाद और Hybrid Threats का मिलकर मुकाबला करेंगे। साथ ही यह भी कहा गया कि आतंकवाद को किसी भी सूरत में जायज़ नहीं ठहराया जा सकता।
तुर्किये-साइप्रस विवाद और भारत का स्टैंड
Cyprus-Turkey Conflict लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय राजनीति का अहम मुद्दा रहा है। वर्ष 1974 में तुर्किये ने साइप्रस के उत्तरी हिस्से पर कब्जा कर लिया था, और तब से वहां संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना तैनात है। भारत ने तब भी साइप्रस की Sovereignty और Territorial Integrity का खुला समर्थन किया था, और आज भी वही रुख दोहराया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में दोहराया कि भारत और साइप्रस मिलकर UN-backed Peace Framework के अंतर्गत विवाद का समाधान चाहते हैं।
Modi Diplomacy: एक तस्वीर से तुर्किये को मिला संदेश
PM मोदी की वह तस्वीर जिसमें वह साइप्रस के राष्ट्रपति के साथ तुर्की-नियंत्रित पहाड़ियों की ओर देख रहे हैं, कोई संयोग नहीं थी। इसे symbolic support के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे तुर्किये को यह संकेत गया कि भारत अब अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं को लेकर कहीं अधिक स्पष्ट और मुखर है।
Tourism, Yoga और आयुर्वेद बने Cultural Connect के पुल
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि साइप्रस में Yoga और Ayurveda की लोकप्रियता बढ़ रही है और भारत इसे और आगे ले जाना चाहता है। दोनों देशों के बीच Direct Flights शुरू करने पर भी विचार चल रहा है, जिससे India-Cyprus Tourism को नई गति मिलेगी।
भारत को मिला United Nations में साइप्रस का समर्थन
साइप्रस ने India’s bid for permanent membership in UN Security Council का खुलकर समर्थन दोहराया। इसके अलावा, India-Middle East-Europe Economic Corridor (IMEC) पर भी चर्चा हुई जो भारत को यूरोप से जोड़ने वाली सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना है।
PM मोदी की साइप्रस यात्रा केवल कूटनीतिक औपचारिकता नहीं थी। इसमें छिपा संदेश तुर्किये जैसे देशों के लिए चेतावनी है जो पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत विरोधी नीति अपनाते हैं। भारत अब अपने मित्र देशों के साथ खुलकर खड़ा हो रहा है और Modi Foreign Policy का यह नया चेहरा वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत स्थिति का संकेत देता है।