Ahmedabad Plane Crash: ‘जैसे भूकंप आ गया हो’, हादसे ने मचाया कहर, 265 की मौत

अहमदाबाद: गुरुवार दोपहर एयर इंडिया की AI-171 फ्लाइट जब सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लंदन के लिए रवाना हुई, तो किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही मिनटों में यह विमान इतिहास की एक बड़ी त्रासदी में बदल जाएगा। बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान मेडिकल कॉलेज परिसर में क्रैश हो गया। हादसे में अब तक 265 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

इस दुखद हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी, चार एमबीबीएस छात्र, एक डॉक्टर की पत्नी और कई विदेशी नागरिकों की जान चली गई। हालांकि, इस हादसे में एकमात्र जीवित बचे यात्री विश्वास कुमार रमेश ने मानो मौत को मात दी है।

ऐसा लगा जैसे भूकंप आया हो’: चश्मदीद की आंखों देखी

घटनास्थल के पास रहने वाले सुरेश गुज्जर ने बताया, “जब विमान गिरा, तो हमें लगा जैसे भूकंप आ गया हो। 1:40 बजे का समय था, तेज धमाके के साथ धरती हिल गई। 10 मिनट में हम घटनास्थल पर पहुंच चुके थे।”

गुज्जर के मुताबिक, आसपास के लोग हादसे के बाद तुरंत वहां इकट्ठा हो गए। कुछ ही देर में फायर ब्रिगेड, पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं।

जब ट्रैफिक ने बचा ली एक जान

भूमि चौहान, जो भरूच से लंदन जाने वाली इस फ्लाइट में चढ़ने वाली थीं, ट्रैफिक के कारण 10 मिनट लेट पहुंचीं और फ्लाइट मिस कर गईं। बाद में जब उन्हें पता चला कि विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, तो वो सन्न रह गईं। “मेरी जान बच गई, लेकिन जो हुआ, वो बेहद डरावना था,” भूमि ने कहा।

एकमात्र जीवित यात्री की कहानी

विश्वास कुमार रमेश, जो कि विमान के अंदर 11A सीट पर बैठे थे, इस हादसे में चमत्कारिक रूप से बच गए। वह अपने भाई के साथ लंदन जा रहे थे। फिलहाल वह अहमदाबाद सिविल अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हैं और प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे मुलाकात की।

हादसे की वजह: दोनों इंजन का फेल होना?

हालांकि, हादसे की असली वजह की जांच जारी है, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद दोनों इंजन का फेल हो जाना बेहद दुर्लभ और गंभीर स्थिति है। ब्लैक बॉक्स को जांच के लिए भेजा गया है, जिससे दुर्घटना के असल कारणों का पता चल सकेगा।

क्यों नहीं बच सकी जानें?

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने बताया कि विमान में 1.25 लाख लीटर ईंधन था, जो दुर्घटना के दौरान आग का गोला बन गया। इतनी गर्मी में किसी को भी बचा पाना संभव नहीं था।

DNA पहचान प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शवों की पहचान अब फॉरेंसिक टीम कर रही है, क्योंकि अधिकांश शव बुरी तरह जल चुके हैं।

पीएम मोदी बोले: हम सभी स्तब्ध हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना स्थल और सिविल अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने लिखा, “अहमदाबाद में हुए विमान हादसे से हम सभी स्तब्ध हैं। यह दुखद और हृदय विदारक घटना है। हम पीड़ित परिवारों के साथ हैं।” पीएम ने मृतकों को श्रद्धांजलि दी और राहत कार्यों की समीक्षा बैठक की।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और संवेदनाएं

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी हादसे पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि यह हादसा “भयावह और दुखद” है। हादसे में 53 ब्रिटिश नागरिक भी सवार थे।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी ने भी सहायता के लिए हाथ बढ़ाया है और कहा कि “हम हर संभव मदद के लिए तैयार हैं।”

अहमदाबाद विमान हादसा देश के सबसे बड़े हवाई हादसों में से एक बन गया है। चश्मदीदों की आंखों में अभी भी डर है, और परिवारों का दुख बयान से परे है। अब सबकी निगाहें ब्लैक बॉक्स की रिपोर्ट और सरकारी जांच पर टिकी हैं, ताकि इस त्रासदी की असली वजह सामने आ सके।