VIP कौन था? अंकिता भंडारी हत्याकांड में अब भी रहस्य बरकरार
उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी मर्डर केस में कोटद्वार कोर्ट का बहुप्रतीक्षित फैसला आ चुका है। मुख्य आरोपी पुलकित आर्या समेत तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। यह फैसला उन लाखों आम लोगों के लिए “सच की जीत” बनकर आया है, जिनकी बेटियाँ बड़े सपनों के साथ छोटे शहरों से निकलती हैं और अमानवीय घटनाओं का शिकार हो जाती हैं।
क्या था मामला?
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18 सितंबर 2022 को अंकिता भंडारी, जो वनंतरा रिज़ॉर्ट यमकेश्वर में रिसेप्शनिस्ट थीं, की बेरहमी से हत्या कर दी गई।
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आरोपियों ने उसे एक VIP गेस्ट को “सर्व” करने का दबाव डाला, जिसे अंकिता ने साफ़ इंकार कर दिया।
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इसके बाद, उसे रिज़ॉर्ट से दूर चीला नहर में फेंककर मार दिया गया।
कोर्ट का फैसला: कौन दोषी, क्या सजा?
आरोपी का नाम |
आरोप |
सजा |
पुलकित आर्या |
हत्या (IPC 302), साक्ष्य छिपाना (201), छेड़खानी (354A), अनैतिक देह व्यापार |
उम्रकैद |
सौरभ भास्कर |
हत्या (IPC 302), साक्ष्य छिपाना (201), देह व्यापार |
उम्रकैद |
अंकित गुप्ता |
हत्या (IPC 302), साक्ष्य छिपाना (201), देह व्यापार |
उम्रकैद |
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कुल मिलाकर कोर्ट ने तीनों आरोपियों को सख्त सजा सुनाते हुए न्याय का संदेश दिया है।
जांच और कोर्ट कार्यवाही: क्या रहा खास?
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुरू से ही इस केस को गंभीरता से लिया।
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24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी, SIT गठन, और तेज़ी से चार्जशीट दाखिल की गई।
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500 पन्नों की चार्जशीट, 97 गवाह, जिनमें से 47 को कोर्ट में पेश किया गया।
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तीन बार सरकारी वकील बदले गए ताकि पीड़िता के परिजनों को न्याय मिल सके।
VIP कौन था? अब भी सवाल बाकी हैं
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इस केस की सबसे बड़ी अनसुलझी कड़ी वह VIP है, जिसके लिए अंकिता पर दबाव बनाया गया था।
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SIT जांच में इसका जिक्र हुआ, लेकिन नाम अब तक सार्वजनिक नहीं हुआ।
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क्या कानून की पहुंच उस VIP तक भी होगी? यह सवाल आज भी जनता के ज़ेहन में है।