Pak Army Chief Asim Munir issues ultimatum of water war to India, threatens Indus Water Treaty
भारत-पाकिस्तान के बीच Indus Water Treaty को लेकर एक बार फिर तनातनी बढ़ गई है। Pakistani Army Chief General Aseem Munir ने भारत के खिलाफ तीखा बयान देते हुए कहा है कि इस्लामाबाद अपने 24 करोड़ नागरिकों के जल अधिकारों पर कोई समझौता नहीं करेगा। यह बयान ऐसे वक्त आया है जब भारत ने Pahalgam Terror Attack के बाद सिंधु जल समझौते को स्थगित (suspend) कर रखा है।
जनरल मुनीर ने यह बयान पाकिस्तान के विश्वविद्यालयों के प्रमुख शिक्षाविदों और प्रोफेसरों से बातचीत के दौरान दिया। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान कभी भी भारतीय आधिपत्य को स्वीकार नहीं करेगा और सिंधु जल समझौते पर किसी तरह की नर्मी नहीं बरतेगा।”
भारत पर आतंकवाद फैलाने का भी आरोप, बलूचिस्तान का किया जिक्र
आसिम मुनीर यहीं नहीं रुके। उन्होंने भारत पर Balochistan में आतंकवाद को समर्थन देने का आरोप लगाते हुए कहा कि वहां की अशांति के पीछे भारत का हाथ है। उनका दावा है कि बलूच आतंकियों को भारत से सहानुभूति और समर्थन मिल रहा है।
गौरतलब है कि भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को अस्थायी रूप से रोक दिया था, जिससे पाकिस्तान की ओर पानी की आपूर्ति पर भी असर पड़ा है।
भारत की सख्त प्रतिक्रिया: आतंकवाद और बातचीत साथ नहीं चल सकते
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif की ओर से बातचीत की पेशकश पर भारत ने साफ कर दिया है कि जब तक पाकिस्तान cross-border terrorism बंद नहीं करता, कोई वार्ता नहीं होगी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हम दोहराना चाहते हैं कि terrorism and talks cannot go together। पाकिस्तान को पहले आतंकवाद को समर्थन देना बंद करना होगा, तभी किसी भी मुद्दे पर बातचीत संभव है।”
उन्होंने यह भी कहा कि भारत केवल दो मुद्दों पर पाकिस्तान से बातचीत करेगा – पहला, Pakistan Occupied Kashmir (PoK) को भारत को सौंपने पर और दूसरा, भारत द्वारा दी गई most wanted terrorists की सूची के आधार पर आतंकियों को सौंपने पर।
PM Modi की चेतावनी दोहराई: पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते
भारत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि जब तक पाकिस्तान आतंकी गतिविधियों को समर्थन देता रहेगा, तब तक Indus Water Treaty suspended ही रहेगी। भारत की ओर से प्रधानमंत्री Narendra Modi के पुराने बयान को दोहराया गया, जिसमें उन्होंने कहा था, “Terror and trade cannot go together, and blood and water cannot flow together.”