India's tough stand on Bangladeshi illegal migrants: "Deportation will be decided"
भारत सरकार ने Bangladeshi illegal migrants के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकेत देते हुए स्पष्ट किया है कि अवैध रूप से देश में रह रहे विदेशी नागरिकों को कानून के मुताबिक डिपोर्ट किया जाएगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि बड़ी संख्या में ऐसे नागरिक भारत में रह रहे हैं, जिनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि होना बाकी है, और उन्हें जल्द से जल्द बांग्लादेश वापस भेजना जरूरी है।
भारत ने मांगा 2,369 संदिग्धों का वेरिफिकेशन
भारत ने बांग्लादेश सरकार से 2,369 संदिग्ध नागरिकों की nationality verification की प्रक्रिया को तेज करने की अपील की है। ये सभी लोग illegal entry के माध्यम से भारत में रह रहे हैं और इनमें से कई अपनी सजा पूरी कर चुके हैं, लेकिन वापसी की प्रक्रिया 2020 से रुकी हुई है।
रणधीर जायसवाल ने कहा, “भारत में रह रहे foreign nationals, चाहे वे बांग्लादेशी हों या किसी और देश से, यदि अवैध रूप से रह रहे हैं तो उनके साथ law as per Indian jurisdiction के अनुसार निपटा जाएगा।”
देशभर में अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ चल रहा है बड़ा अभियान
Mathura में पकड़े गए 90 Bangladeshi migrants
हाल ही में उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से 90 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया, जो बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रहे थे। इन्हें जांच के बाद डिपोर्टेशन प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है।
Delhi में हिरासत में लिए गए 121 अवैध नागरिक
दिल्ली पुलिस ने भी एक व्यापक अभियान चलाकर 831 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों के दस्तावेजों की जांच की। इसमें पता चला कि 121 लोग पिछले तीन वर्षों से अवैध रूप से दिल्ली में रह रहे थे, और कूड़ा बीनने या दिहाड़ी मजदूरी जैसे काम कर रहे थे।
इनमें से अधिकतर को अलीपुर, बवाना, नरेला, समयपुर बादली, भलस्वा डेरी और शाहबाद डेरी जैसे क्षेत्रों से पकड़ा गया है।
National Security और Demographic Balance पर भी उठे सवाल
इस बढ़ती illegal infiltration को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा और डेमोग्राफिक असंतुलन जैसे मुद्दे एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते अवैध घुसपैठ पर सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह आने वाले समय में internal security challenges खड़े कर सकता है।
भारत अब अवैध घुसपैठियों के लिए ‘Soft Target’ नहीं
भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अब अवैध घुसपैठियों के प्रति नरमी नहीं बरतेगा। केंद्र सरकार की नीति साफ है – चाहे वे illegal Bangladeshi migrants हों या किसी और देश से आए अवैध नागरिक, सभी को कानून के दायरे में लाकर डिपोर्ट किया जाएगा।