Global मंच पर पाकिस्तान की पोल खोलेंगे Shashi Tharoor?

पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेनकाब करने की भारत की नई रणनीति में कांग्रेस सांसद शशि थरूर की संभावित भागीदारी को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

जहां एक ओर केंद्र सरकार इसे एक सर्वदलीय कूटनीतिक अभियान के रूप में पेश कर रही है, वहीं केरल कांग्रेस ने शशि थरूर को प्रतिनिधिमंडल में शामिल किए जाने का स्वागत करते हुए मोदी सरकार पर करारा कटाक्ष भी किया है।

केरल कांग्रेस ने किया समर्थन, लेकिन साथ ही BJP पर हमला भी

केरल कांग्रेस ने X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा:

“जब प्रधानमंत्री मोदी और उनके विदेश मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वसनीयता खो दी है, तब देश को एक सम्मानित और वैश्विक समझ रखने वाले प्रतिनिधि की आवश्यकता है। हम भाजपा द्वारा कांग्रेस नेता को प्रतिनिधि चुनने की सराहना करते हैं, क्योंकि यह उनकी प्रतिभा की कमी को दर्शाता है।”

इसके साथ ही कांग्रेस ने भरोसा जताया कि शशि थरूर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की स्थिति को मजबूती से प्रस्तुत करेंगे और मोदी सरकार की “पुरानी कूटनीतिक गलतियों” को सुधारने में मदद करेंगे।

Operation Sindoor के बाद पाकिस्तान को घेरेगा भारत का वैश्विक डेलीगेशन

सरकार Operation Sindoor के बाद पाकिस्तान को global diplomatic isolation की दिशा में ले जाने की रणनीति बना चुकी है। यह ऑपरेशन पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों के खिलाफ किया गया जवाबी अभियान था।

इसके तहत:

  • लगभग 40 सांसदों का एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल बनाया जा रहा है।

  • ये डेलीगेशन यूरोप, मिडल ईस्ट सहित चार-पांच देशों का दौरा करेगा।

  • प्रत्येक समूह में 7-8 सांसद होंगे और मिशन लगभग 10 दिनों तक चलेगा।

Tharoor, Tewari, Khurshid और अन्य विपक्षी नेता संभावित प्रतिभागी

प्रतिनिधिमंडल में भाजपा के साथ-साथ विपक्षी दलों के नेताओं को भी शामिल किया जा रहा है। इनमें शामिल हो सकते हैं:

  • शशि थरूर (कांग्रेस)

  • मनीष तिवारी, सलमान खुर्शीद (कांग्रेस)

  • सुप्रिया सुले (NCP-SP), कनिमोझी (DMK), असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM)

  • अनुराग ठाकुर, अपराजिता सारंगी (BJP)

  • संजय झा (JDU), सस्मित पात्रा (BJD), जॉन ब्रिटास (CPIM)

यह एक rare bipartisan diplomatic front होगा, जहां सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों एक साझा लक्ष्य पर एकत्र होंगे — पाकिस्तान का पर्दाफाश

विदेश मंत्रालय जुटा रहा है सबूत, जल्द साझा होगा मिशन का डिटेल प्लान

  • इस मिशन में विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और संसदीय कार्य मंत्रालय मिलकर काम कर रहे हैं।

  • प्रतिनिधिमंडल के साथ एक विदेश मंत्रालय अधिकारी भी रहेगा।

  • सरकार उन फैक्ट्स, दस्तावेजों और केस स्टडीज़ को तैयार कर रही है, जिससे पाकिस्तान के आतंकवाद से संबंधों को ठोस आधार पर पेश किया जा सके।

क्या थरूर की वैश्विक भूमिका कांग्रेस और BJP के बीच नया समीकरण बनाएगी?

एक तरफ जहां सरकार विपक्षी नेताओं को इस कूटनीतिक मुहिम में साथ लाकर एकजुटता का संदेश देना चाहती है, वहीं कांग्रेस इस कदम को “BJP की वैचारिक कमजोरी” के रूप में दिखा रही है।

शशि थरूर जैसे ग्लोबल फिगर की इस भूमिका से भारत की अंतरराष्ट्रीय स्थिति मजबूत हो सकती है, लेकिन साथ ही यह मोदी सरकार और विपक्ष के बीच एक नई कूटनीतिक राजनीति की शुरुआत भी कर सकता है।