India-Pakistan Ceasefire Agreement पर मचा सियासी घमासान, Congress ने उठाए गंभीर सवाल

India-Pakistan border tension पर हाल ही में हुए Ceasefire Agreement ने जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राहत की भावना जगाई है, वहीं भारत की घरेलू राजनीति में इसने Political War छेड़ दी है। विपक्ष, खासतौर पर कांग्रेस ने इस समझौते पर केंद्र सरकार को घेरते हुए संसद का Special Session बुलाने की मांग कर दी है।

 Indira Gandhi की याद में Congress का हमला

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने Former PM Indira Gandhi की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, “आज उनकी कमी खल रही है।” इसके बाद सियासत में गर्मी आ गई। Congress, RJD और Kapil Sibal जैसे विपक्षी नेता इस मुद्दे पर एकजुट दिखे और सरकार से जवाब मांगने लगे।

Congress की मांगें: Parliament Special Session और All-Party Meet

कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge और Rahul Gandhi ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर Pahalgam Terror Attack, Operation Sindoor और Trump’s Ceasefire Announcement पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की। कांग्रेस का तर्क है कि National Security जैसे गंभीर मुद्दों पर देश के जनप्रतिनिधियों को जानकारी मिलनी चाहिए।

कांग्रेस नेता Jairam Ramesh ने All-Party Meeting बुलाने की भी मांग की और अमेरिका की भूमिका को लेकर सरकार से सवाल पूछे कि क्या हमने Shimla Agreement को पीछे छोड़ दिया है?

 Donald Trump की भूमिका पर विपक्ष का अविश्वास

Trump mediation offer की जानकारी आते ही कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने सरकार से पूछा कि क्या भारत ने Third-Party Intervention को स्वीकार कर लिया है? Sachin Pilot ने इसे ‘Abhūtapūrv’ करार देते हुए कहा, “इससे पहले कभी हमारी Foreign Policy में ऐसा नहीं हुआ।”

Rashid Alvi ने तो यह तक कह डाला कि सरकार ने अमेरिका के दबाव में यह फैसला लिया और इससे PoK को वापस लेने का सुनहरा मौका गंवा दिया।

 Indira vs Modi: सियासी तुलना की होड़

पप्पू यादव, कपिल सिब्बल और कई अन्य नेताओं ने इंदिरा गांधी की नीतियों को याद करते हुए मोदी सरकार की Defence Strategy पर सवाल खड़े किए। दूसरी तरफ, Assam CM Himanta Biswa Sarma ने इंदिरा गांधी की 1971 की रणनीति को ‘Unfinished’ बताया।

BJP का पलटवार: Modi ने फिर लिखा Pak के साथ रिश्तों का नया अध्याय

BJP Spokesperson Pradeep Bhandari ने कहा कि PM Modi’s Leadership में भारत ने पाकिस्तान को 72 घंटे में Diplomatically Isolate कर दिया। Munir और Bahawalpur में स्थित Terror Camps को नष्ट किया गया और भारत ने Strategic Upper Hand हासिल किया।

Giriraj Singh, Prahlad Joshi और Nishikant Dubey जैसे वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने भी मोदी सरकार की Decisive Action की तारीफ करते हुए कहा कि यह लड़ाई अब आखिरी होगी और PoK को वापस लेने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए गए हैं।

 Ceasefire पर Politics नहीं Consensus चाहिए

जहां एक ओर International Diplomacy के तहत भारत ने पाकिस्तान के साथ संघर्ष विराम को मंजूरी दी, वहीं घरेलू राजनीति में इसे लेकर गहरे मतभेद सामने आ गए हैं। कांग्रेस संसद में जवाब मांग रही है और भाजपा इसे Masterstroke बता रही है।

अब देखना होगा कि क्या सरकार विपक्ष की मांगों पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया देती है या यह मुद्दा भी अन्य राजनीतिक विवादों की तरह केवल बहसों में उलझ कर रह जाएगा।