Questions are still being raised even after the clarification by the Embassy – Was the statement really presented in a wrong manner?
सलाम है हिंद की सेना को, जिसने रातभर जागकर वो काम किया जिससे हर भारतीय चैन की नींद सो सका। 7 मई की रात भारतीय सेना ने आतंक के ठिकानों पर ऐसा कहर बरपाया, जिसे पाकिस्तान बरसों तक भूलेगा नहीं।
ऑपरेशन सिंदूर—एक सुनियोजित और सटीक एयरस्ट्राइक, जिसने पाकिस्तान और PoK में लश्कर और जैश के 9 ठिकानों को तबाह कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 70 से 90 आतंकी मारे गए। भारत ने साफ कर दिया कि निशाना सिर्फ आतंक था, लेकिन बदले की कोई कोशिश हुई तो जवाब और भी तीखा होगा।
इस कार्रवाई से बौखलाया पाकिस्तान अब एलओसी पर सीज़फायर तोड़कर निर्दोष नागरिकों को निशाना बना रहा है। वहीं उसकी सेना और सरकार—मारे गए आतंकियों को शहीद बता रही है।
फर्जीवाड़े पर भारत की दो टूक
चीन स्थित भारतीय दूतावास ने वहां के सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स को सीधे तौर पर कहा—”फर्जी सूचनाएं फैलाने से पहले तथ्य जांच लें।” दूतावास ने चेताया कि पाकिस्तानी समर्थक सोशल मीडिया हैंडल्स 2021 की मिग-21 क्रैश की फोटो को मौजूदा ऑपरेशन से जोड़कर दुष्प्रचार कर रहे हैं।
देशभर में अलर्ट और तैयारी
7 मई को भारत के अमृतसर और जोधपुर समेत कई शहरों में मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट किए गए। हर कोना तैयार था। सेना ने रातभर अलर्ट पर रहकर देश को सुरक्षित रखा।
पाकिस्तान में हलचल और गीदड़भभकी
पाक पीएम शाहबाज़ शरीफ़ ने टीवी पर भारत को धमकाया—”शहीदों के खून की एक-एक बूंद का बदला लेंगे।” लेकिन हकीकत ये है कि ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान 100 किलोमीटर अंदर तक दहल गया है। आतंकी ढांचे को गहरी चोट लगी है।
भारत की स्पष्ट नीति: आतंक होगा तो ठिकाना नहीं बचेगा
भारत ने दुनिया को ये संदेश दे दिया है—अब आतंकियों की धरती पर हमला करने से हम नहीं झिझकेंगे। और अगर कोई देश इस पर अफवाह फैलाता है या दुष्प्रचार करता है, तो उसे भी चेतावनी दी जाएगी—चाहे वो चीन ही क्यों न हो।