India's next step will surprise you: Pakistan will again be under pressure regarding Indus Water Treaty
भारत ने अप्रैल में Pahalgam terrorist attack के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कई बड़े फैसले लिए थे। इनमें सबसे अहम था 1960 में हुई Indus Water Treaty को suspend करना और diplomatic ties में भारी कटौती करना। अब इस दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए भारत ने पाकिस्तान को नया झटका देने की तैयारी कर ली है।
सूत्रों के मुताबिक, भारत जल्द ही World Bank और Neutral Expert Michel Lino को यह जानकारी देने वाला है कि वह भविष्य की बैठकों में शामिल नहीं होगा। इसके साथ ही भारत लीनो से आगामी dispute resolution meetings को होल्ड या स्थगित करने का आग्रह भी कर सकता है। हालांकि, इस विषय में सरकार की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
Neutral Expert की भूमिका पर उठे सवाल
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि treaty suspension के चलते भारत का अगला कदम उन बैठकों को रोकने का हो सकता है जिनका आयोजन लीनो के कार्यालय द्वारा किया जा रहा था। उल्लेखनीय है कि नवंबर में Permanent Court of Arbitration (PCA) की एक महत्वपूर्ण बैठक Vienna में होने वाली थी, जहां किशनगंगा और रतले डैम से जुड़ी पाकिस्तान की आपत्तियों पर चर्चा होनी थी।
एक जानकार ने बताया कि, “जब संधि ही स्थगित हो चुकी है, तो उस संधि के तहत नियुक्त neutral expert अब विवादों के समाधान में भाग नहीं ले सकते।”
पहले भी उठा चुका है पाकिस्तान आपत्ति
पाकिस्तान ने सबसे पहले 2006 में Jhelum River पर बनाए गए भारत के 330 मेगावाट के Kishanganga Hydroelectric Project पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद उसने Chenab River पर प्रस्तावित 850 मेगावाट के Ratle Hydro Project पर भी सवाल खड़े किए थे। इन दोनों परियोजनाओं को लेकर कुल सात बिंदुओं पर भारत और पाकिस्तान के बीच मतभेद हैं।
Diplomatic Relations में पहले ही हो चुकी है कटौती
भारत ने अप्रैल में पाकिस्तान के साथ अपने diplomatic engagement में बड़ी कटौती की थी। भारतीय उच्चायोग में स्टाफ की संख्या 55 से घटाकर 30 कर दी गई थी। इसके अलावा, SAARC Visa Exemption Scheme (SVES) के तहत पाकिस्तानी नागरिकों को भारत यात्रा की अनुमति भी निलंबित कर दी गई थी। साथ ही, Attari border checkpost को बंद करने जैसे कदम भी उठाए गए थे।
भारत द्वारा Indus Water Treaty Suspension और अब neutral expert consultations को रोकने की दिशा में उठाए गए कदम यह संकेत देते हैं कि पाकिस्तान पर कूटनीतिक और जल आधारित दबाव को और तेज किया जा रहा है। आने वाले समय में यह फैसला दोनों देशों के बीच जल बंटवारे से जुड़े समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है।