“Indian Army vs OGWs: कश्मीर में सबसे बड़ा सफाई अभियान शुरू”

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 निर्दोष सैलानियों को आतंकियों ने मौत के घाट उतार दिया।
लेकिन सवाल है: क्या इसके लिए सिर्फ पाकिस्तान जिम्मेदार है?
या फिर वो “आस्तीन के सांप” भी जिम्मेदार हैं जो भारत की ज़मीन पर रहते हैं, लेकिन वफादारी पाकिस्तान से निभाते हैं?

OGW: आतंकियों के आंख, कान और ऑक्सीजन

भारतीय सेना ने अब उन गद्दारों को सबक सिखाने की ठान ली है, जिन्हें Over Ground Workers (OGWs) कहा जाता है।
ये OGWs वही हैं जो आतंकियों के लिए आंख और कान बनते हैं —

  • आतंकियों को घुसपैठ कराते हैं,

  • सुरक्षित पनाहगाह देते हैं,

  • खाने-पीने, पैसे, हथियार का इंतजाम करते हैं,

  • सुरक्षाबलों की मूवमेंट की जानकारी पहुंचाते हैं,

  • हमले के बाद आतंकियों को सेफ जगह पर ले जाते हैं।

कैसे कटेगी आतंकियों की ऑक्सीजन सप्लाई?

पहलगाम हमले के बाद सुरक्षाबलों ने OGWs के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन शुरू कर दिया है:

  • कश्मीर के 10 जिलों में लगभग 3,500 OGWs एक्टिव बताए जा रहे हैं।

  • अब तक 2,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है।

  • 250 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ और 7 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

सेना ने साफ कर दिया है —
“अब आतंकियों को न दाना मिलेगा, न पानी, न पनाह।”
कश्मीर में आतंकियों के घरों को नेस्तनाबूद किया जा रहा है ताकि वो फिर कभी भारतीय जमीन पर हमला करने की हिम्मत न कर सकें।

OGWs का सफाया क्यों है जरूरी?

OGWs के बिना आतंकी ऐसे हो जाएंगे जैसे पानी के बिना मछली।
इन गद्दारों को खत्म किए बिना घाटी में आतंक का सफाया नहीं हो सकता।
इसलिए अब सुरक्षाबल एक-एक OGW को ढूंढकर खत्म करने की मुहिम पर निकल चुके हैं।

सरकार और सेना का साफ संदेश

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का सख्त बयान गूंज रहा है —
“जो सामने हैं वो भी जाएंगे, और जो छुपे हुए हैं वो भी नहीं बचेंगे।”

अब कोई भी आतंकी, कोई भी गद्दार OGW न भारत की धरती पर रहेगा और न ही भारत को दर्द देने की हिम्मत करेगा।
पहलगाम हमले का बदला अब दुश्मन के दिल में डर बनकर बैठने वाला है।