American accused lodged in Tihar Jail seeks special diet; requests permission to cook his own food instead of eating Indian meals.
Tihar Jail, NIA Case और UAPA से जुड़े एक चर्चित मामले में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक ने अदालत से विशेष राहत की मांग की है। आतंकवाद से जुड़े आरोपों में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद वैनडाइक ने दावा किया है कि वह जेल में मिलने वाला भारतीय भोजन नहीं खा पा रहा है। इसी कारण उसने अदालत से जेल परिसर में स्वयं भोजन तैयार करने की अनुमति देने की अपील की है।
याचिका में कहा गया है कि अप्रैल 2026 से तिहाड़ जेल में बंद वैनडाइक भारतीय मसालेदार और तैलीय भोजन का अभ्यस्त नहीं है। उसके वकील का दावा है कि इसी वजह से वह 6 मई 2026 से भूख हड़ताल पर है और पर्याप्त भोजन नहीं मिलने के कारण उसकी सेहत लगातार बिगड़ रही है।
स्वास्थ्य बिगड़ने का दावा, वजन घटने की बात
अदालत में दायर याचिका के अनुसार, लंबे समय तक पर्याप्त भोजन नहीं करने से वैनडाइक का करीब 14 किलोग्राम वजन कम हो गया है। बचाव पक्ष का कहना है कि पोषण की कमी के चलते उसकी शारीरिक क्षमता, रोग प्रतिरोधक शक्ति और आंखों की रोशनी भी प्रभावित हुई है। इन परिस्थितियों को देखते हुए मानवीय आधार पर उसे अपनी पसंद का भोजन तैयार करने की अनुमति देने की मांग की गई है।
जेल में Kitchen Setup की अनुमति चाही
वैनडाइक ने अदालत से अनुरोध किया है कि उसे सीमित स्तर पर Kitchen Setup उपलब्ध कराया जाए, ताकि वह अपना भोजन स्वयं तैयार कर सके। उसने यह भी कहा है कि भोजन, बर्तन और अन्य आवश्यक सामग्री का पूरा खर्च उसका परिवार उठाने को तैयार है।
याचिका में जिन खाद्य पदार्थों की मांग की गई है, उनमें दाल, रेड मीट, चिकन, Shrimp (झींगा मछली), पास्ता, नूडल्स, चावल, आलू, प्याज, बीन्स, Olive Oil, टोन्ड मिल्क, सोया मिल्क और बोतलबंद पानी शामिल हैं। इसके अलावा Induction Cooker, खाना पकाने के बर्तन, कटोरे और प्लास्टिक चॉपर रखने की अनुमति भी मांगी गई है।
अदालत ने जेल प्रशासन से मांगा जवाब
पटियाला हाउस कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए तिहाड़ जेल प्रशासन से जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को निर्धारित की गई है। अदालत अब यह तय करेगी कि जेल नियमों और सुरक्षा मानकों के तहत इस तरह की मांग पर किस प्रकार निर्णय लिया जा सकता है।
NIA ने आतंकवाद से जुड़े मामले में किया था गिरफ्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मैथ्यू एरॉन वैनडाइक को 13 मार्च 2026 को कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। उसके साथ छह यूक्रेनी नागरिकों को भी हिरासत में लिया गया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि आरोपी भारत विरोधी गतिविधियों से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा था।
जांच में आरोप लगाया गया है कि आरोपी प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों के संपर्क में था और उन्हें आधुनिक हथियार, सैन्य उपकरण तथा ट्रेनिंग उपलब्ध कराने में शामिल था। एनआईए के अनुसार, विदेशी नागरिकों का एक समूह टूरिस्ट वीजा पर भारत आया और बाद में पूर्वोत्तर राज्यों के रास्ते अवैध रूप से म्यांमार पहुंचकर सशस्त्र संगठनों से जुड़ी गतिविधियों में शामिल हुआ।
इस मामले में आरोपियों के खिलाफ Unlawful Activities (Prevention) Act (UAPA) समेत आपराधिक साजिश की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।