Fuel Price Update: ग्राहकों को बड़ा तोहफा, 7,000 पेट्रोल पंपों पर घटे Petrol-Diesel के दाम

Petrol Diesel Price Update: जुलाई की शुरुआत आम उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर लेकर आई है। देशभर में Nayara Energy ने अपने 7,000 से अधिक Petrol Pumps पर ईंधन की कीमतों में कटौती का ऐलान किया है। नई दरों के तहत पेट्रोल 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल 3 रुपये प्रति लीटर सस्ता कर दिया गया है।

हालांकि, देश की सरकारी तेल कंपनियां Indian Oil (IOC), Bharat Petroleum (BPCL) और Hindustan Petroleum (HPCL) ने फिलहाल अपनी कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।

7,000 से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर लागू हुई नई दरें

कंपनी की ओर से जारी नई Fuel Price सूची 1 जुलाई से प्रभावी हो गई है। उद्योग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, देशभर में नायरा एनर्जी के 7,000 से अधिक आउटलेट्स पर ग्राहक अब कम कीमत पर पेट्रोल और डीजल खरीद सकेंगे।

हालांकि, अलग-अलग राज्यों में VAT (Value Added Tax) और स्थानीय करों के कारण अंतिम कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है।

Crude Oil की कीमतों में गिरावट का मिला फायदा

विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया (Middle East) में तनाव कम होने और वैश्विक सप्लाई चेन सामान्य होने से Crude Oil Price में गिरावट आई है। इसके साथ ही प्रमुख समुद्री व्यापार मार्ग दोबारा खुलने से कच्चे तेल और LNG Supply में सुधार हुआ है।

इसी वजह से ईंधन कंपनियों पर लागत का दबाव कम हुआ और नायरा एनर्जी ने कीमतों में कटौती का फैसला लिया।

IOC, BPCL और HPCL ने नहीं बदले दाम

जहां एक ओर नायरा एनर्जी ने कीमतें कम की हैं, वहीं सरकारी तेल कंपनियों IOC, BPCL और HPCL ने फिलहाल कोई संशोधन नहीं किया है।

इन कंपनियों के देशभर में एक लाख से अधिक पेट्रोल पंप हैं। राजधानी दिल्ली में इनके आउटलेट्स पर पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर की दर से ही बिक रहा है।

मार्च में बढ़ाए गए दाम अब वापस लिए

गौरतलब है कि Iran Conflict के दौरान 26 मार्च को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल महंगा होने के बाद नायरा एनर्जी ने पेट्रोल के दाम 5 रुपये और डीजल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए थे।

बाद में मई में सरकारी तेल कंपनियों ने भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 7.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी।

अब नायरा एनर्जी ने मार्च में की गई पूरी बढ़ोतरी वापस ले ली है। इसे इस बात का संकेत माना जा रहा है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें नरम पड़ने का लाभ धीरे-धीरे भारतीय उपभोक्ताओं तक पहुंचने लगा है।