Bihar Latest News: ज्ञान भवन से JP Nadda का बड़ा राजनीतिक हमला, जानिए क्या बोले

बिहार की राजधानी पटना में आयोजित ‘संविधान हत्या दिवस’ कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा (JP Nadda) ने कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने Emergency 1975 का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उस दौरान कांग्रेस सरकार ने देशभर में 1 करोड़ 10 लाख लोगों की जबरन नसबंदी (Forced Sterilization) कराई थी।

Emergency के दौरान नसबंदी को लेकर बड़ा दावा

ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार आपातकाल के दौरान करीब 1.10 करोड़ लोगों की नसबंदी कराई गई थी। उन्होंने दावा किया कि यह संख्या उस समय ग्रीस की कुल आबादी से भी अधिक थी।

नड्डा ने कहा कि उस दौर में ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों के पहुंचने की खबर मिलते ही कई युवा घर छोड़कर चले जाते थे, क्योंकि उन्हें जबरन नसबंदी का डर रहता था।

राष्ट्रपति शासन को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना

अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रपति शासन के मुद्दे पर भी कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने अपने कार्यकाल में कई बार राष्ट्रपति शासन लगाया, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी अनेक निर्वाचित राज्य सरकारों को बर्खास्त किया।

उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में केवल विशेष परिस्थितियों में ही राष्ट्रपति शासन लागू किया गया और इसे अपवाद के रूप में इस्तेमाल किया गया।

राहुल गांधी पर भी साधा निशाना

जेपी नड्डा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि संविधान की बात करने से पहले उन्हें आपातकाल के दौरान हुई घटनाओं को लेकर देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज संविधान की रक्षा की बात करती है, जबकि Emergency के दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं पर गंभीर प्रभाव पड़ा था।

गिरिराज सिंह ने भी कांग्रेस को घेरा

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी संविधान की बात करती है, लेकिन उसे अपने इतिहास पर भी जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जेपी आंदोलन ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और नई पीढ़ी को उस दौर के इतिहास से परिचित होना चाहिए।

जेपी आंदोलन के सेनानियों का हुआ सम्मान

कार्यक्रम में जेपी आंदोलन से जुड़े कई वरिष्ठ सेनानियों को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने आपातकाल के दौर के अपने अनुभव साझा किए और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के महत्व पर जोर दिया। इस अवसर पर कई वरिष्ठ आंदोलनकारियों को मंच पर सम्मान देकर उनके योगदान को याद किया गया।

Emergency पर राजनीतिक बयानबाजी तेज

देश में Emergency की वर्षगांठ के अवसर पर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। एक ओर भाजपा आपातकाल के मुद्दे पर कांग्रेस को घेर रही है, वहीं कांग्रेस इन आरोपों का जवाब देते हुए वर्तमान सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रही है। ऐसे में यह मुद्दा आने वाले दिनों में भी राजनीतिक चर्चा के केंद्र में बना रह सकता है.