Drones monitoring 13 lakh properties in Delhi, is MCD going to get a big benefit?
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में Municipal Corporation of Delhi (MCD) ने संपत्ति कर व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी Drone Survey Project शुरू किया है। इस परियोजना के तहत ड्रोन की मदद से शहर की 13 लाख से अधिक संपत्तियों का सर्वेक्षण और Digital Mapping की जाएगी।
MCD अधिकारियों के अनुसार, इस पहल के लिए चार विशेषज्ञ एजेंसियों के साथ समझौता (MoU) किया गया है। Drone Based Geospatial Survey के माध्यम से दिल्ली की सभी श्रेणियों की संपत्तियों का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसके तहत GIS Mapping, 3D City Modelling और Digital Twin Technology जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग होगा।
क्या है MCD का उद्देश्य?
इस सर्वे का मुख्य लक्ष्य उन संपत्तियों की पहचान करना है जो अभी तक Property Tax Network में शामिल नहीं हैं। इसके अलावा पहले से दर्ज संपत्तियों में हुए किसी भी निर्माण या बदलाव को भी डिजिटल रिकॉर्ड में अपडेट किया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया से राजधानी की सभी संपत्तियों की एक विस्तृत Digital Inventory तैयार होगी, जिससे भविष्य में शहरी योजना और राजस्व प्रबंधन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
बिजली कंपनियों के डेटा से होगा मिलान
MCD अब बिजली वितरण कंपनियों के रिकॉर्ड को भी अपने डेटा के साथ जोड़ रहा है। इससे शहर में मौजूद संपत्तियों की वास्तविक संख्या और उनके उपयोग का सटीक आकलन किया जा सकेगा।
वर्तमान में दिल्ली में लगभग 13 लाख Property Tax Payers हैं, लेकिन प्रारंभिक आकलन के अनुसार यह संख्या 50 लाख से अधिक तक पहुंच सकती है। ऐसे में निगम को राजस्व संग्रह में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद है।
बकायेदारों पर सख्ती जारी
संपत्ति कर वसूली को लेकर MCD लगातार सख्त रुख अपना रहा है। हाल के महीनों में महिला इंस्पेक्टरों की टीम ने रोहिणी और नरेला जोन में कार्रवाई करते हुए 19 व्यावसायिक संपत्तियों को सील किया है।
इसके अलावा लंबे समय से Property Tax जमा नहीं करने वाले लोगों को एक हजार से अधिक नोटिस जारी किए गए। इन कार्रवाइयों के जरिए दोनों जोनों से करीब 27.71 करोड़ रुपये का बकाया कर वसूला गया।
रिकॉर्ड राजस्व संग्रह
MCD के अनुसार, बीते एक वर्ष में रोहिणी जोन से 115.71 करोड़ रुपये और नरेला जोन से 248.56 करोड़ रुपये का Property Tax Collection हुआ। दोनों जोनों ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक राजस्व जुटाकर नया रिकॉर्ड बनाया है।
आने वाले समय में निगम जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक और डिजिटल माध्यमों के जरिए नागरिकों को समय पर House Tax जमा करने के लिए प्रेरित करेगा।
MCD का मानना है कि Drone Survey और GIS Technology आधारित यह पहल दिल्ली की संपत्ति कर प्रणाली को आधुनिक बनाने के साथ-साथ शहर के विकास और राजस्व बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।