Separated from twins, locked in toilet for 10 months; heartbreaking case from Uttarakhand
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से महिलाओं के खिलाफ अत्याचार का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सेलाकुई क्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसके ससुराल वालों ने उसे करीब 10 महीने तक कमरे और शौचालय में बंद रखकर अमानवीय यातनाएं दीं। मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता के पिता, जो भारतीय सेना से हवलदार पद से सेवानिवृत्त हैं, ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को शादी के कुछ समय बाद से ही प्रताड़ित किया जाने लगा था। उनकी शिकायत के आधार पर ससुराल पक्ष के कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
केंद्रीय विद्यालय में शिक्षक है पति
परिवार के अनुसार, महिला की शादी वर्ष 2024 में केंद्रीय विद्यालय में कार्यरत एक शिक्षक से हुई थी। शुरुआत में परिवार को लगा कि बेटी का विवाह एक शिक्षित और अच्छे परिवार में हुआ है, लेकिन शादी के कुछ महीनों बाद ही स्थिति बदलने लगी।
पिता का आरोप है कि सास और अन्य परिजन लगातार उनकी बेटी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते रहे। जुड़वां बच्चों के जन्म के बाद कथित तौर पर अत्याचार और बढ़ गए।
बच्चों से भी कर दिया गया अलग
शिकायत में कहा गया है कि महिला को उसके नवजात जुड़वां बच्चों से दूर रखा गया। उसे बच्चों को दूध पिलाने तक की अनुमति नहीं दी जाती थी। परिवार का आरोप है कि जुलाई 2025 से मई 2026 के बीच महिला को लंबे समय तक एक कमरे और शौचालय तक सीमित रखा गया।
यह भी आरोप लगाया गया है कि उसे पर्याप्त भोजन नहीं दिया जाता था और कई बार केवल सादे चावल, प्याज और हरी मिर्च के सहारे दिन गुजारने पड़ते थे।
गंभीर शारीरिक प्रताड़ना के आरोप
एफआईआर में महिला के साथ गंभीर शारीरिक हिंसा किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायत के मुताबिक, उसके साथ मारपीट की गई और उसे लगातार डर और दबाव में रखा गया। परिवार का कहना है कि बेटी से संपर्क करने की कोशिश करने पर ससुराल पक्ष अक्सर बहाने बनाकर बात नहीं कराता था।
पिता ने कराया रेस्क्यू, फिर पहुंचा मामला पुलिस तक
पीड़िता के पिता ने बताया कि 26 मई को उन्होंने अपनी बेटी को ससुराल से बाहर निकाला। इसके बाद पूरे मामले की शिकायत पुलिस को दी गई। उनका आरोप है कि लंबे समय तक बेटी को परिवार और बाहरी लोगों से अलग-थलग रखा गया था।
पुलिस जांच जारी
सेलाकुई पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की गई है।
यह मामला सामने आने के बाद इलाके में भी चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।