SP से निकाली गईं पूजा पाल बनेंगी मंत्री! योगी कैबिनेट विस्तार में बड़ा चेहरा

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल रहा है। योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रस्तावित Cabinet Expansion में प्रयागराज की चर्चित नेता और कौशांबी की चायल सीट से विधायक पूजा पाल को मंत्री बनाया जा सकता है। समाजवादी पार्टी (SP) से निष्कासित होने के बाद उनका भगवा खेमे के करीब जाना लगातार चर्चा में था और अब उन्हें योगी कैबिनेट में जगह मिलने की खबरों ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।
योगी सरकार के दूसरे मंत्रिमंडल विस्तार में छह नए चेहरों को शामिल किए जाने की तैयारी है। शपथ ग्रहण समारोह दोपहर 3:30 बजे जनभवन में आयोजित होगा। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने शनिवार शाम राज्यपाल Anandiben Patel से मुलाकात कर संभावित मंत्रियों की सूची सौंपी।

राजू पाल हत्याकांड के बाद चर्चा में आईं पूजा पाल

पूजा पाल का नाम उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस समय तेजी से उभरा था, जब उनके पति और इलाहाबाद पश्चिम सीट से बसपा विधायक रहे राजू पाल की 25 जनवरी 2005 को दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। राजू पाल ने 2004 के उपचुनाव में माफिया Atiq Ahmed के भाई अशरफ को हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया था।
यह जीत इसलिए खास मानी गई क्योंकि इलाहाबाद पश्चिम सीट पर लंबे समय तक अतीक अहमद परिवार का दबदबा रहा था। राजू पाल की हत्या के बाद यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया।

BSP से शुरू हुआ राजनीतिक सफर

पति की हत्या के बाद बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने पूजा पाल को उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया। हालांकि शुरुआती चुनाव में उन्हें हार मिली, लेकिन उन्होंने राजनीति नहीं छोड़ी। वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में पूजा पाल ने जोरदार वापसी करते हुए इलाहाबाद पश्चिम सीट जीत ली।
इसके बाद 2012 के चुनाव में भी उन्होंने समाजवादी पार्टी प्रत्याशी ज्योति यादव को हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। इस दौरान उन्होंने खुद को एक मजबूत महिला नेता के रूप में स्थापित किया।

BJP लहर में हार, फिर SP में हुईं शामिल

2017 विधानसभा चुनाव में BJP Wave के दौरान पूजा पाल को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। 2022 विधानसभा चुनाव में SP के टिकट पर उन्होंने कौशांबी की चायल सीट से जीत दर्ज की।
लेकिन राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा के समर्थन में खड़े होने के बाद SP नेतृत्व उनसे नाराज हो गया। आखिरकार 14 अप्रैल 2025 को पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया।

भगवा खेमे के करीब आने लगीं पूजा पाल

SP से बाहर होने के बाद पूजा पाल लगातार BJP नेताओं के संपर्क में नजर आईं। राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से चर्चा थी कि वह जल्द ही भाजपा में औपचारिक रूप से शामिल हो सकती हैं। अब योगी कैबिनेट विस्तार में उनका नाम सामने आने के बाद इन अटकलों को और बल मिला है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पूजा पाल को मंत्रिमंडल में शामिल कर BJP प्रयागराज और कौशांबी क्षेत्र में सामाजिक और राजनीतिक समीकरण मजबूत करना चाहती है।

महिला और दलित राजनीति में बड़ा संदेश

पूजा पाल की संभावित मंत्री पद पर ताजपोशी को BJP के Social Engineering Formula से भी जोड़कर देखा जा रहा है। दलित और महिला वोट बैंक को साधने की रणनीति के तहत पार्टी उन्हें बड़ा चेहरा बना सकती है।
अगर पूजा पाल मंत्री बनती हैं तो यह उनके राजनीतिक सफर का सबसे बड़ा पड़ाव होगा, जहां उन्होंने पति की हत्या के बाद संघर्ष से शुरुआत कर उत्तर प्रदेश की सत्ता तक अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है।