What is the Right to Recall? Why does the AAP want to use it?
Aam Aadmi Party (AAP) को बड़ा झटका लगा है, जब उसके 7 राज्यसभा सांसदों के दल बदल (defection) की खबर सामने आई। इनमें Raghav Chadha, Ashok Mittal और Harbhajan Singh जैसे नाम शामिल हैं। अब पार्टी इस मामले में constitutional action लेने की तैयारी कर रही है।
AAP का प्लान: MPs को अयोग्य घोषित करने की मांग
AAP के वरिष्ठ नेता Sanjay Singh ने कहा है कि वे C. P. Radhakrishnan (राज्यसभा सभापति) को पत्र लिखकर इन सांसदों को disqualify करने की मांग करेंगे।
उनका कहना है कि यह कदम anti-defection law के खिलाफ है और इसे “असंवैधानिक” माना जाना चाहिए।
Anti-Defection Law: क्या कहता है नियम?
भारत में Anti-Defection Law (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत:
कोई भी सांसद/विधायक अपनी पार्टी छोड़ता है तो उसे अयोग्य ठहराया जा सकता है
राज्यसभा और लोकसभा में अलग गुट (split) मान्य नहीं होता
दो-तिहाई सदस्यों के साथ भी अलग पार्टी बनाने का नियम अब सीमित है
AAP इसी कानून का सहारा लेकर इन सांसदों की सदस्यता खत्म करने की मांग कर सकती है।
‘Right to Recall’ क्या है?
Right to Recall एक ऐसा लोकतांत्रिक सिद्धांत है, जिसमें जनता अपने चुने हुए प्रतिनिधि को कार्यकाल खत्म होने से पहले हटा सकती है।
लेकिन भारत में:
यह व्यवस्था constitutional level पर लागू नहीं है
संसद या राज्य विधानसभाओं के लिए ऐसा कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है
इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि AAP का यह कदम legal debate को जन्म दे सकता है।
Political Strategy: राष्ट्रपति से भी संपर्क
Bhagwant Mann ने भी Droupadi Murmu से मिलने का समय मांगा है, ताकि इस मुद्दे को constitutional platform पर उठाया जा सके।