AI Fake Photo Case: FIR against Swami Rasik Maharaj, says – conspiracy against me
Rishikesh में AI-generated fake image को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। Swami Rasik Maharaj के खिलाफ social media post के जरिए उपराष्ट्रपति के साथ फर्जी तस्वीर साझा करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, 23 अप्रैल को AIIMS Rishikesh में आयोजित convocation ceremony में C. P. Radhakrishnan मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।
आरोप है कि कार्यक्रम में मौजूद न होने के बावजूद Swami Rasik Maharaj ने AI edited photo के जरिए खुद को उपराष्ट्रपति के साथ दिखाते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट कीं।
FIR दर्ज, जांच जारी
इस मामले में Rishikesh Police Station में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह misleading content लोगों को भ्रमित करने के उद्देश्य से साझा किया गया।
जांच के दौरान यह सामने आया कि फोटो को AI technology की मदद से एडिट कर उपराष्ट्रपति के साथ मौजूदगी दिखाई गई थी।
Swami Rasik Maharaj का बयान
विवाद बढ़ने के बाद Swami Rasik Maharaj ने सफाई देते हुए कहा कि:
उनके खिलाफ conspiracy (साजिश) रची जा रही है
कुछ असामाजिक तत्व उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं
वे इस मामले में legal action लेने की तैयारी कर रहे हैं
Convocation Event: कौन-कौन थे मौजूद?
AIIMS Rishikesh के छठे convocation ceremony में:
C. P. Radhakrishnan (मुख्य अतिथि)
Gurmit Singh
Pushkar Singh Dhami
Anupriya Patel
सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।
इस कार्यक्रम में कुल 386 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जबकि 17 मेधावी छात्रों को 23 medals (जिसमें 13 gold medals शामिल हैं) दिए गए।
AI Misuse पर बढ़ती चिंता
यह मामला एक बार फिर AI misuse और deepfake technology के खतरों को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं digital trust को प्रभावित कर सकती हैं और सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलने का खतरा बढ़ा सकती हैं।