नोएडा के 9 सेक्टरों में 19 नए बिजली उपकेंद्र, 4.5 लाख उपभोक्ताओं को राहत

नोएडा में लगातार बढ़ती electricity demand और गर्मियों के दौरान होने वाली power cut की समस्या से राहत दिलाने के लिए बड़ा कदम उठाया जा रहा है। शहर के 9 सेक्टरों में 33/11 केवी क्षमता के 19 नए बिजली उपकेंद्र (power substations) बनाए जाएंगे। इस परियोजना का मकसद लाखों उपभोक्ताओं को अधिक स्थिर और निर्बाध electricity supply उपलब्ध कराना है।

इस योजना के लिए विद्युत निगम और नोएडा प्राधिकरण की टीम ने जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, भूमि उपलब्ध होते ही construction work शुरू किया जाएगा और अप्रैल से जमीनी काम आगे बढ़ने की उम्मीद है। यह पूरा प्रोजेक्ट शहर के electricity infrastructure को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

नोएडा में यह काम SCADA plan के तहत किया जा रहा है, जिसके जरिए बिजली नेटवर्क को अधिक आधुनिक, तेज और भरोसेमंद बनाने पर जोर है। प्रस्तावित नए उपकेंद्र सेक्टर-8, 63, 65, 80, 81, 94, 106, 132 और 140 में बनाए जाएंगे। इन उपकेंद्रों पर 10-10 MVA क्षमता के दो-दो ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे, जिससे अतिरिक्त लोड को बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा।

इस परियोजना का सीधा फायदा करीब 4.5 लाख consumers को मिलने की उम्मीद है। अभी शहर और जिले में कुल 108 बिजली उपकेंद्रों के जरिए सप्लाई दी जा रही है, जिनकी कुल क्षमता 2294 MVA बताई जाती है। लेकिन बढ़ते शहरी विस्तार, नई housing societies, industrial units और संस्थानों के कारण बिजली की मांग हर साल लगभग 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ रही है।

अधिकारियों का मानना है कि आने वाले वर्षों में नोएडा की कुल बिजली मांग 3000 मेगावाट के पार जा सकती है। ऐसे में पुराने उपकेंद्रों पर लोड लगातार बढ़ रहा है, जिससे कई बार overload, breakdown और आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्याएं सामने आती हैं। नए उपकेंद्र बनने के बाद लोड का बेहतर distribution हो सकेगा और सप्लाई सिस्टम अधिक स्थिर बनेगा।

विद्युत विभाग के अनुसार, यह योजना केवल मौजूदा दिक्कतों को दूर करने के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। शहर में तेजी से बढ़ते urban development के बीच यह कदम power management के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।

तकनीकी अधिकारियों ने भी साफ किया है that new substations का निर्माण होने के बाद उपभोक्ताओं को uninterrupted power supply देने में मदद मिलेगी। खासकर गर्मियों में, जब air conditioner, cooler और industrial load बढ़ने से demand peak पर पहुंच जाती है, तब यह नया infrastructure राहत देगा।