Uttarakhand Cabinet Expansion Today: Who Will Be the New Minister, Which Districts Will Get Representation?
Uttarakhand Cabinet Expansion को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों पर अब विराम लगने वाला है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami अपनी कैबिनेट का विस्तार करने जा रहे हैं। सरकार ने मंत्रिमंडल में खाली पड़े सभी पांच पदों को भरने का फैसला किया है। शपथ ग्रहण के बाद राज्य कैबिनेट में कुल 12 सदस्य हो जाएंगे।
सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार सुबह Lok Bhavan में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। इस Cabinet Expansion को सिर्फ प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि एक बड़े political signal के तौर पर भी देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, इस बार मंत्रिमंडल में उन जिलों को प्राथमिकता दी जा सकती है, जिन्हें अब तक पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला। ऐसे में Haridwar, Nainital, Pithoragarh और Tehri जैसे जिलों से विधायकों के नाम चर्चा में बताए जा रहे हैं। इससे सरकार क्षेत्रीय संतुलन बनाने की कोशिश करती नजर आ रही है।
दरअसल, धामी सरकार में पांच रिक्त पदों को भरने को लेकर काफी समय से मंथन चल रहा था। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा भी की थी। माना जा रहा है कि इस बार मंत्री चयन में मुख्यमंत्री को पर्याप्त free hand मिला है, जिससे वह अपनी रणनीति के अनुसार टीम तैयार कर सकें।
इस Uttarakhand Cabinet Reshuffle का समय भी बेहद अहम माना जा रहा है। राज्य में अगले साल फरवरी-मार्च के दौरान Assembly Elections होने की संभावना है। ऐसे में नए मंत्रियों को करीब 10 महीने का समय मिल सकता है, ताकि वे अपने विभागों में काम करके राजनीतिक और प्रशासनिक प्रभाव छोड़ सकें।
नवरात्रि के दौरान कैबिनेट विस्तार का फैसला भी अपने आप में खास संदेश देता है। शुक्रवार को शक्ति उपासना का दिन माना जाता है और इस शुभ अवसर पर लिया गया यह निर्णय सरकार की ओर से एक symbolic move भी माना जा रहा है। राजनीतिक जानकार इसे मुख्यमंत्री धामी का masterstroke बता रहे हैं।
इस कदम के जरिए मुख्यमंत्री ने न केवल लंबे समय से चल रही चर्चाओं और अटकलों को विराम दिया है, बल्कि संगठन और सरकार के भीतर balance बनाने की कोशिश भी की है। अब सबसे बड़ी नजर इस बात पर रहेगी कि आखिर किन चेहरों को मंत्री पद का मौका मिलता है और यह विस्तार आने वाले चुनावों से पहले राज्य की राजनीति को किस दिशा में ले जाता है।