Terrorism Ranking 2026: Pakistan most affected, what is the condition of India, why is Nepal in the news?
Global Terrorism Index 2026 ने South Asia की security situation को लेकर गंभीर तस्वीर पेश की है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, Pakistan अब दुनिया का सबसे ज्यादा terrorism-affected country बन गया है। लंबे समय तक आतंकवाद को पनाह देने के आरोप झेलने वाला यह देश अब खुद सबसे बड़े संकट का सामना कर रहा है।
रिपोर्ट बताती है कि 2025 पाकिस्तान के लिए पिछले एक दशक का सबसे घातक साल साबित हुआ। देश में terror incidents और terror-related deaths दोनों में तेज उछाल दर्ज किया गया। इसी के साथ Pakistan ने Burkina Faso को पीछे छोड़ते हुए Global Terrorism Index में पहला स्थान हासिल कर लिया।
Pakistan में क्यों बिगड़े हालात?
विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान में बढ़ती हिंसा के पीछे सबसे बड़ी वजह Taliban return in Afghanistan और सीमा पार सक्रिय आतंकी नेटवर्क हैं। खास तौर पर Tehrik-i-Taliban Pakistan (TTP) ने पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती खड़ी की है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 के दौरान पाकिस्तान में आतंकी घटनाएं और ज्यादा घातक हुईं। TTP attacks में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि Balochistan Liberation Army (BLA) जैसी संगठनों की गतिविधियों ने भी हालात को और खराब किया। बड़े हमलों, अपहरण और targeted violence की घटनाओं ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
India के लिए राहत की खबर
जहां Pakistan की स्थिति खराब हुई है, वहीं India के लिए रिपोर्ट अपेक्षाकृत राहत भरी है। India ranking in GTI 2026 में देश 13वें स्थान पर है, लेकिन अच्छी बात यह है कि 2025 के दौरान भारत में terror attacks में उल्लेखनीय कमी आई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में आतंकी हमलों में 43 percent decline दर्ज किया गया। पिछले एक दशक में India के overall score में भी सुधार देखने को मिला है। यह इशारा करता है कि देश का security network, surveillance system और counter-terror strategy पहले के मुकाबले अधिक मजबूत हुई है।
South Asia अब भी high-risk region
हालांकि India की स्थिति बेहतर हुई है, लेकिन पूरी South Asia region अब भी दुनिया का सबसे ज्यादा प्रभावित इलाका बना हुआ है। क्षेत्रीय अस्थिरता, सीमा पार आतंकवाद, राजनीतिक तनाव और कमजोर border control इस समस्या को लगातार बढ़ा रहे हैं।
रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि Pakistan-Afghanistan conflict अगर और बढ़ता है, तो बड़े पैमाने पर displacement हो सकता है। इससे border areas में असुरक्षा बढ़ेगी और आतंकी संगठनों को फिर से मजबूत होने का मौका मिल सकता है।
Nepal और Bangladesh ने पेश की अलग मिसाल
इस रिपोर्ट की सबसे दिलचस्प बात यह है कि South Asia के कुछ छोटे देशों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। Nepal ने लगातार तीसरे साल एक भी terror incident दर्ज नहीं किया, जो क्षेत्र के लिए एक positive example माना जा रहा है।
वहीं Bangladesh में भी आतंकवादी घटनाओं में भारी गिरावट दर्ज की गई। यह दिखाता है that strong monitoring, local intelligence और focused policy action के जरिए आतंकवाद पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
Pakistan के लिए आगे का खतरा
विश्लेषकों का मानना है कि Pakistan के सामने आने वाले समय में चुनौती और बड़ी हो सकती है। अगर Afghanistan border instability, internal insurgency और extremist groups पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हुआ, तो आने वाले वर्षों में हालात और बिगड़ सकते हैं।
Pakistan की मौजूदा स्थिति सिर्फ उसके लिए नहीं, बल्कि पूरे South Asia की regional security के लिए भी खतरा है। यही वजह है कि GTI 2026 रिपोर्ट को एक गंभीर warning के तौर पर देखा जा रहा है।
Global Terrorism Index 2026 ने साफ कर दिया है कि South Asia में आतंकवाद अब भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। Pakistan का सबसे ज्यादा प्रभावित देश बनना इस संकट की गंभीरता को दिखाता है। वहीं India के लिए यह राहत की बात है कि देश में आतंकी घटनाओं में कमी आई है। सबसे सकारात्मक तस्वीर Nepal और Bangladesh से सामने आई है, जिन्होंने बेहतर internal security management का उदाहरण पेश किया है।
आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि South Asia के देश मिलकर terror threat, cross-border militancy और regional instability से कैसे निपटते हैं।