Iran Protest Crackdown: Human Rights Groups Angry Over 19-Year-Old Wrestler's Execution
Iran Execution News ने दुनिया को झकझोर दिया है। ईरान के शहर Qom में 19 वर्षीय उभरते wrestling champion Saleh Mohammadi को दो अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ सरेआम फांसी दे दी गई। इस घटना ने Iran protest crackdown, human rights violation और public execution को लेकर वैश्विक बहस को और तेज कर दिया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सालेह मोहम्मदी के साथ Saeed Davoudi और Mehdi Qasemi को भी मौत की सजा दी गई। इन तीनों पर जनवरी में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान दो पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि मोहम्मदी पर “enmity against God” यानी ‘खुदा के खिलाफ युद्ध छेड़ने’ जैसा गंभीर आरोप भी लगाया गया था, जो ईरान में death penalty वाले अपराधों में शामिल है।
राज्य मीडिया और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, यह public hanging in Qom लोगों की मौजूदगी में कराई गई। इसे जनवरी 2026 के anti-government protests से जुड़ी पहली ज्ञात फांसियों में गिना जा रहा है, जिससे यह मामला और भी ज्यादा संवेदनशील हो गया है।
Human Rights Groups ने क्या कहा
Iran Human Rights और दूसरे अधिकार संगठनों ने इस कार्रवाई को बेहद चिंताजनक बताया है। उनका आरोप है कि तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा fair trial के मानकों पर खरा नहीं उतरा। संगठनों का कहना है कि कथित कबूलनामे torture और दबाव के बीच लिए गए और बचाव का पर्याप्त मौका नहीं दिया गया।
Amnesty International ने पहले ही चेतावनी दी थी कि जनवरी 2026 के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े कई लोगों को expedited grossly unfair trials के बाद मौत की सजा का खतरा है। संस्था ने कहा था कि इन मामलों में न्यायिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल हैं और कई आरोपियों को पर्याप्त कानूनी सुरक्षा नहीं मिली।
Sports World में भी गुस्सा
इस घटना ने 2020 में ईरान के पहलवान Navid Afkari की फांसी की यादें फिर ताजा कर दी हैं। खेल जगत और एक्टिविस्टों का कहना है कि खिलाड़ियों को निशाना बनाना सिर्फ कानून का मामला नहीं, बल्कि political intimidation का संकेत भी हो सकता है। कई मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं से ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की अपील की है।
आगे क्यों बढ़ी चिंता
मानवाधिकार समूहों का कहना है कि जनवरी 2026 के विरोध प्रदर्शनों के बाद बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया गया था और अब भी कई आरोपी execution risk में हैं। इस वजह से आशंका बढ़ गई है कि आने वाले समय में और भी फांसियां हो सकती हैं। कुछ संगठनों ने European Union और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
Saleh Mohammadi execution अब सिर्फ एक आपराधिक केस नहीं, बल्कि Iran human rights crisis और state crackdown on dissent का बड़ा प्रतीक बन गया है। 19 साल के एक युवा champion wrestler को सरेआम फांसी दिए जाने से यह सवाल और तीखा हो गया है कि क्या ईरान विरोध की आवाज को दबाने के लिए अब और कठोर रास्ता अपना रहा है।