Ashoka Chakra Award: अंतरिक्ष में इतिहास रचने वाले ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को राष्ट्रपति ने दिया अशोक चक्र

गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत के अंतरिक्ष इतिहास में नया अध्याय जोड़ने वाले भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को देश के सर्वोच्च वीरता सम्मानों में शामिल अशोक चक्र (Ashoka Chakra Award) से सम्मानित किया गया। यह सम्मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ (Kartavya Path) पर आयोजित भव्य गणतंत्र दिवस समारोह में प्रदान किया।

ISS पर कदम रखने वाले पहले भारतीय बने शुभांशु शुक्ला

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने जून 2025 में Axiom Mission-4 (Axiom-4) के तहत International Space Station (ISS) की ऐतिहासिक यात्रा कर भारत का नाम वैश्विक अंतरिक्ष मंच पर रोशन किया। वे ISS पर पहुंचने वाले पहले भारतीय बने और अंतरिक्ष में जाने वाले देश के दूसरे नागरिक रहे। इससे पहले वर्ष 1984 में राकेश शर्मा ने सोवियत संघ के Soyuz Mission के जरिए अंतरिक्ष यात्रा की थी।

शुभांशु शुक्ला ने इस मिशन के दौरान 18 दिनों तक अंतरिक्ष में रहकर कई अहम वैज्ञानिक प्रयोगों में भाग लिया।

Fighter Pilot से Space Hero बनने तक का सफर

एक अनुभवी फाइटर पायलट (Fighter Pilot) के रूप में शुभांशु शुक्ला के पास 2,000 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव है। उन्होंने भारतीय वायुसेना के कई प्रमुख विमानों को उड़ाया है, जिनमें
Sukhoi-30 MKI, MiG-21, MiG-29, Jaguar, Hawk, Dornier और AN-32 शामिल हैं।

Axiom-4 मिशन में उन्होंने पायलट (Pilot) की अहम भूमिका निभाई। इस दौरान किए गए वैज्ञानिक प्रयोगों को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष विशेषज्ञों ने अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

वैश्विक सहयोग का प्रतीक रहा Axiom-4 Mission

Axiom-4 मिशन का संचालन अमेरिका की निजी अंतरिक्ष कंपनी Axiom Space द्वारा किया गया था। इस मिशन में
NASA, European Space Agency (ESA) और ISRO (Indian Space Research Organisation) की भागीदारी रही।

यह मिशन भारत की Human Spaceflight Capability और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष सहयोग में बढ़ती भूमिका का प्रतीक माना जा रहा है।

लखनऊ से अंतरिक्ष तक का प्रेरणादायक सफर

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के रहने वाले शुभांशु शुक्ला को जून 2006 में भारतीय वायुसेना के Fighter Stream में कमीशन मिला था। उनकी इस उपलब्धि को देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत माना जा रहा है।