Republic Day Parade 2026 : कर्तव्य पथ पर दिखी भारत की ताकत और संस्कृति

77वें गणतंत्र दिवस 2026 पर कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड ने पूरी दुनिया को भारत की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक समृद्धि और तकनीकी प्रगति का संदेश दिया। इस वर्ष परेड की थीम ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’ रही, जिसे सैन्य टुकड़ियों, झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के ज़रिए प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।

राष्ट्रपति ने फहराया तिरंगा, 21 तोपों की सलामी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके साथ ही 21 तोपों की सलामी दी गई और राष्ट्रगान गूंज उठा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों अतिथियों का स्वागत किया।

सैन्य शक्ति का शानदार प्रदर्शन

Republic Day Parade Live के दौरान थलसेना, नौसेना और वायुसेना की टुकड़ियों ने अनुशासित मार्च किया।

61वीं कैवेलरी रेजीमेंट ने घुड़सवारी कौशल का प्रदर्शन किया

ब्रह्मोस मिसाइल, सूर्यास्त्र रॉकेट सिस्टम और स्वदेशी सैन्य वाहनों ने सबका ध्यान खींचा

वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने सिंदूर फॉर्मेशन में फ्लाईपास्ट किया

अशोक चक्र से सम्मानित हुए ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला

कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति ने IAF Group Captain Shubhanshu Shukla को देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किया, जिससे पूरे देश में गर्व की लहर दौड़ गई।

झांकियों में दिखा ‘विविधता में एकता’ का संदेश

परेड में निकली झांकियों ने भारत की सांस्कृतिक विविधता और विकास यात्रा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।

पंजाब की झांकी में गुरु तेग बहादुर के बलिदान को दर्शाया गया

ओडिशा में महिला सशक्तिकरण और सेमीकंडक्टर विकास

मध्य प्रदेश की झांकी में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर

उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मणिपुर और छत्तीसगढ़ की झांकियों में संस्कृति, हस्तकला, जैविक खेती और डिजिटल विकास की झलक

केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों की झांकियों में Smart Power, PM SHRI Schools, भारतीय न्याय संहिता और डिजिटल इंडिया जैसे विषयों को प्रमुखता से दिखाया गया।

युवा शक्ति का जोश

एनसीसी गर्ल्स, एनसीसी बॉयज़ और MY Bharat Volunteers के जोशीले मार्च ने यह संदेश दिया कि देश का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।

‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष बना आकर्षण

इस ऐतिहासिक अवसर पर ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने को विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रद्धांजलि दी गई, जिसने दर्शकों को भावुक कर दिया।