ED vs Robert Vadra: कोर्ट ने दस्तावेज दाखिल करने का आदेश दिया

Rouse Avenue Court ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में कारोबारी Robert Vadra के खिलाफ दायर supplementary chargesheet पर बहस के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) को समय दिया है। यह चार्जशीट हथियार कारोबारी Sanjay Bhandari से जुड़े केस में दाखिल की गई है।

कोर्ट ने इस दौरान ईडी को फटकार लगाते हुए कहा कि जिन दस्तावेजों पर एजेंसी भरोसा नहीं कर रही है, उनकी सूची अब तक दाखिल नहीं की गई। अदालत ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई से पहले सभी आवश्यक दस्तावेज रिकॉर्ड पर लाए जाएं।

 रॉबर्ट वाड्रा ने क्या कहा?

अदालत के बाहर प्रतिक्रिया देते हुए Robert Vadra ने कहा,

“मुझे कुछ नहीं कहना है। इसकी टाइमिंग ही बहुत कुछ बता देती है। जब भी संसद सत्र शुरू होने वाला होता है और सरकार से विपक्ष के कठिन सवालों के जवाब की उम्मीद होती है, तब ईडी को एक हथियार की तरह इस्तेमाल किया जाता है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा है।

 कौन हैं संजय भंडारी?

Sanjay Bhandari एक हथियार डीलर हैं, जो वर्ष 2016 में दिल्ली में Income Tax raids के बाद लंदन चले गए थे।
हाल ही में एक British Court ने भारत सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें भंडारी के प्रत्यर्पण मामले को ब्रिटेन की सुप्रीम कोर्ट में ले जाने की अनुमति मांगी गई थी। इसके बाद भंडारी के भारत लाए जाने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है।

 ED Chargesheet में क्या आरोप?

ईडी ने वर्ष 2023 में इस केस में चार्जशीट दाखिल की थी। एजेंसी का दावा है कि:

संजय भंडारी ने 2009 में London property खरीदी

उस संपत्ति का नवीनीकरण (Renovation) Robert Vadra के निर्देश पर कराया गया

रिनोवेशन का खर्च वाड्रा द्वारा वहन किया गया

हालांकि, रॉबर्ट वाड्रा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि लंदन में उनकी कोई भी संपत्ति नहीं है और उन्हें राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है।