Bangladesh Election Results: What will be the impact on India-Bangladesh relations after BNP's victory?
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित Constitution Hall (Sansad Bhavan Complex) में आयोजित 28th Commonwealth Speakers and Presiding Officers Conference (CSPOC) 2026 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष Om Birla, विदेश मंत्री S Jaishankar और राज्यसभा के उपसभापति Harivansh Narayan Singh ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया।
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 42 कॉमनवेल्थ देशों के 61 स्पीकर्स और प्रेसिडिंग ऑफिसर्स समेत कई अर्ध-स्वायत्त संसदों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं, जिससे यह आयोजन अब तक का सबसे बड़ा CSPOC Conference माना जा रहा है।
भारत में लोकतंत्र सिर्फ भागीदारी नहीं, नेतृत्व भी कर रहा है: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की राष्ट्रपति देश की प्रथम नागरिक हैं और वे महिला हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री भी महिला हैं। यह दर्शाता है कि Women Leadership in Indian Democracy अब केवल भागीदारी तक सीमित नहीं, बल्कि नेतृत्व के केंद्र में है।
उन्होंने कहा कि 2024 के Indian General Elections मानव इतिहास का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक अभ्यास थे, जिसमें करीब 98 करोड़ मतदाताओं ने पंजीकरण कराया। चुनावों में 700 से अधिक राजनीतिक दलों और 8,000 से ज्यादा उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया, जबकि महिलाओं की मतदान भागीदारी ने नया रिकॉर्ड बनाया।
संविधान सदन: भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का साक्षी
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस सेंट्रल हॉल में यह सम्मेलन हो रहा है, वह भारत की Democratic Journey of India का ऐतिहासिक केंद्र रहा है। स्वतंत्रता से पहले इसी स्थान पर संविधान सभा की बैठकें हुईं और आज़ादी के बाद 75 वर्षों तक यही भारत की संसद रही। अब इसे लोकतंत्र को समर्पित करते हुए Constitution House नाम दिया गया है।
कॉमनवेल्थ देशों के साथ साझा विकास की प्रतिबद्धता
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि Commonwealth Nations Population का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा भारत में रहता है। भारत स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन, आर्थिक विकास और नवाचार जैसे क्षेत्रों में Sustainable Development Goals (SDGs) को लेकर पूरी जिम्मेदारी के साथ योगदान दे रहा है।
उन्होंने कहा कि आज का दौर अभूतपूर्व वैश्विक बदलावों का है और ऐसे समय में Global South Leadership के लिए नए रास्ते तलाशने की जरूरत है। भारत न सिर्फ अन्य देशों से सीखता है, बल्कि अपने अनुभव भी साझा करता है।
संसदीय लोकतंत्र में स्पीकर की भूमिका बेहद अहम
प्रधानमंत्री मोदी ने Role of Speaker in Parliamentary Democracy पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि स्पीकर का काम ज्यादा बोलना नहीं, बल्कि सभी को समान अवसर देना होता है। धैर्य, निष्पक्षता और संतुलन ही स्पीकर की सबसे बड़ी ताकत है।
उन्होंने बताया कि यह चौथी बार है जब भारत CSPOC India Host बना है और इस बार सम्मेलन की थीम है — “Effective Delivery of Parliamentary Democracy”।
भारत ने साबित किया कि लोकतंत्र विकास की ताकत है
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को Mother of Democracy कहा जाता है। यहां निर्णय लेने से पहले हजारों वर्षों से विचार-विमर्श, सहमति और मतदान की परंपरा रही है। आज भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि:
UPI दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल भुगतान प्रणाली है
भारत दुनिया का सबसे बड़ा Vaccine Manufacturer है
वैश्विक Steel Production में भारत दूसरे स्थान पर है
भारत ने दिखा दिया है कि लोकतांत्रिक संस्थाएं विकास को Stability, Scale और Speed प्रदान करती हैं।
इन अहम मुद्दों पर होगी CSPOC 2026 में चर्चा
इस उच्चस्तरीय सम्मेलन में संसद और लोकतंत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन होगा, जिनमें शामिल हैं:
बदलते समय में स्पीकर और प्रेसिडिंग ऑफिसर्स की भूमिका
संसद में Technology Innovation & Digital Governance
नागरिकों में लोकतांत्रिक जागरूकता बढ़ाने के नए तरीके
विशेष सत्रों में:
AI in Parliament: Innovation, Oversight & Adaptation (Malaysia)
Impact of Social Media on MPs (Sri Lanka)
Beyond Voting: Citizen Participation Strategies (Nigeria & South Africa)
इसके अलावा सांसदों और संसद कर्मियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण पर भी चर्चा होगी।
14 से 16 जनवरी तक चलेगा सम्मेलन
CSPOC 2026 India का आयोजन 14 से 16 जनवरी तक किया जा रहा है। पिछला सम्मेलन जनवरी 2024 में युगांडा में हुआ था। इस बार भारत इसकी मेजबानी कर रहा है, जिसमें कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, नाइजीरिया, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, मलेशिया सहित कई देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं।