क्या भारत के Energy Sector को झकझोर देगा Iran का कदम? जानिए क्या होगा असर
Middle East Tension ने अब Global Oil Market को सीधा प्रभावित करना शुरू कर दिया है। ईरान द्वारा Strait of Hormuz को बंद करने के संकेतों के बाद अमेरिका समेत कई देश अलर्ट मोड पर आ गए हैं। अगर यह जलमार्ग बंद होता है, तो इसका सबसे बड़ा असर India’s Oil Imports पर पड़ सकता है।
अमेरिका ने बताया “Economic Suicide”, चीन को चेताया
US Secretary of State Marco Rubio ने एक इंटरव्यू में कहा कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को ब्लॉक करता है, तो यह उसके लिए आर्थिक आत्महत्या (economic suicide) जैसा कदम होगा। उन्होंने यह भी कहा कि चीन जैसे देशों को भी इस स्थिति को गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि वे इस क्षेत्र से बड़ी मात्रा में तेल आयात करते हैं।
रूबियो ने यह चेतावनी दी कि Strait Closure की स्थिति में वैश्विक प्रतिक्रिया हो सकती है और International Oil Prices में भारी उछाल आ सकता है।
भारत पर क्या होगा असर?
90% Crude Oil और 50% Natural Gas आयात पर निर्भर है भारत
विशेषज्ञों के मुताबिक, India’s Energy Security पर इसका गंभीर असर होगा। भारत अपने 90% crude oil और 50% natural gas की ज़रूरतें आयात से पूरी करता है, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा Strait of Hormuz के रास्ते आता है।
JNU के प्रोफेसर लक्ष्मण कुमार बेहरा के अनुसार, इस रास्ते के बाधित होने से Iraq और Saudi Arabia से आने वाले तेल की आपूर्ति ठप हो सकती है, जिससे Energy Markets में अस्थिरता बढ़ेगी।
बीमा प्रीमियम और ट्रांसपोर्ट लागत में उछाल
Former Indian Navy Spokesperson Captain DK Sharma ने चेताया कि ईरान की यह धमकी Global Oil Supply Chain को हिला सकती है। उन्होंने कहा, “बीमा प्रीमियम महंगा होगा, वैकल्पिक रूट्स का खर्च अधिक आएगा, और Crude Oil Prices 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकते हैं।”
शर्मा ने यह भी कहा कि इससे Currency Fluctuation और Foreign Investment Instability जैसी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।
भारत की रणनीति: “हम तैयार हैं” – केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री
Union Petroleum Minister Hardeep Singh Puri ने आश्वासन दिया है कि भारत ने Diversified Oil Sources तैयार कर रखे हैं। उन्होंने कहा कि भारत के पास कई हफ्तों तक की Strategic Reserves मौजूद हैं, और हमारी तेल आपूर्ति अब सिर्फ होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भर नहीं है।
Puri ने ‘X’ (Twitter) पर लिखा,
“हम पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमने पिछले कुछ वर्षों में ऊर्जा आपूर्ति में विविधता लाकर इस तरह की स्थितियों के लिए खुद को तैयार किया है।”