जब शायरी के मंच से उठा अमन और इंसानियत का पैगाम, देर रात तक गूंजती रहीं तालियां

Dehradun News: संस्कृति विभाग के प्रेक्षागृह में ‘आजादी का पैगाम, इंसानियत के नाम’ Mushaira and Kavi Sammelan का आयोजन किया गया। ‘इंसाफ की दस्तक’ और एनएपीएसआर की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर से पहुंचे शायरों और कवियों ने देशभक्ति, इंसानियत, मोहब्बत, अमन और सामाजिक सद्भाव पर आधारित अपनी रचनाएं पेश कीं। देर रात तक चले कार्यक्रम में श्रोताओं ने कविताओं और शायरी का आनंद लिया।

शायरी और कविताओं के जरिए दिया भाईचारे का संदेश

कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व राज्य मंत्री आर.ए. खान ने की, जबकि पूर्व राज्य मंत्री याकूब सिद्दीकी Guest of Honour के रूप में मौजूद रहे। अंतरराष्ट्रीय शायर अफजल मंगलौरी समेत कई जाने-माने शायरों और कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।

शायरों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से Peace, Humanity, Love and Social Harmony का संदेश दिया। कार्यक्रम में देश की साझा संस्कृति और आपसी भाईचारे को मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया।

समाजसेवा और रक्तदान करने वाली हस्तियों का सम्मान

मुशायरे के दौरान सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली कई हस्तियों को सम्मानित भी किया गया। Blood Donation और Social Service के क्षेत्र में योगदान के लिए डॉ. अनिल वर्मा को विशेष सम्मान मिला।

डॉ. अनिल वर्मा को अब तक 155 बार रक्तदान करने के लिए सम्मानित किया गया। उनके इस योगदान की कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने सराहना की।

‘इंसानियत जरूरतमंद के काम आने में है’

कार्यक्रम के आयोजक मोहम्मद शाहनजर ने कहा कि इंसानियत केवल भाषणों और शब्दों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि जरूरत के समय किसी के काम आना ही सच्ची मानवता है। उन्होंने समाज में आपसी सहयोग और भाईचारे की भावना को मजबूत करने की जरूरत बताई।

वक्ताओं ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी Unity in Diversity, साझा संस्कृति और सामाजिक सद्भाव में है। ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में एकता और भाईचारे का संदेश पहुंचाने का माध्यम बनते हैं।