What is the Mahabharata Circuit? Uttarakhand and Rajasthan to jointly develop a new religious-tourism destination.
Mahabharata Circuit को लेकर उत्तराखंड और राजस्थान ने एक नई पहल की दिशा में कदम बढ़ाया है। दोनों राज्य महाभारत काल से जुड़े धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को एक साथ जोड़कर पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना पर काम करेंगे। इसी सिलसिले में उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने जयपुर में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात की।
बैठक में दोनों राज्यों के बीच mythological tourism, cultural exchange और tourism development को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। सतपाल महाराज के मुताबिक, महाभारत काल से उत्तराखंड और राजस्थान के कई स्थानों का पौराणिक संबंध रहा है। ऐसे स्थलों को एक व्यापक पर्यटन सर्किट से जोड़ने पर नए Tourist Destinations विकसित किए जा सकते हैं।
क्या है Mahabharata Circuit?
Mahabharata Circuit का उद्देश्य महाभारत से जुड़े धार्मिक और पौराणिक स्थलों को एक Tourism Route के तौर पर विकसित करना है। उत्तराखंड और राजस्थान में ऐसे कई स्थान हैं, जिनका संबंध पांडवों और महाभारत काल की कथाओं से जोड़ा जाता है।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि मान्यताओं के अनुसार पांडवों ने उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण किया था। राजस्थान में भी कई ऐसे स्थान हैं, जिन्हें महाभारत काल की घटनाओं और पांडवों की यात्राओं से जोड़कर देखा जाता है। अब इन स्थानों की पहचान और उनके विकास की दिशा में दोनों राज्य मिलकर काम कर सकते हैं।
उत्तराखंड-राजस्थान का पौराणिक कनेक्शन
सतपाल महाराज ने दोनों राज्यों के बीच मौजूद पौराणिक और सांस्कृतिक संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने राजस्थान के प्रसिद्ध Gangaur Festival का उदाहरण देते हुए बताया कि इस उत्सव में माता गौरी के अपने मायके आने की मान्यता है।
पौराणिक परंपरा के अनुसार माता पार्वती हिमालय की पुत्री यानी Shailputri हैं और हिमालय क्षेत्र को उनका मायका माना जाता है। इस तरह राजस्थान की सांस्कृतिक परंपरा और उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र के बीच धार्मिक एवं पौराणिक जुड़ाव दिखाई देता है।
Cultural Exchange से बढ़ेगा Tourism
पर्यटन मंत्री का कहना है कि दोनों राज्यों की साझा परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं को व्यापक स्तर पर सामने लाने की जरूरत है। इसके लिए cultural exchange programmes को बढ़ावा दिया जा सकता है।
Mahabharata Circuit के विस्तार से धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ Heritage Tourism को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होने के साथ होटल, परिवहन, गाइड, स्थानीय हस्तशिल्प और अन्य पर्यटन गतिविधियों को भी लाभ मिल सकता है।
नए Tourist Destinations विकसित करने की तैयारी
उत्तराखंड और राजस्थान के बीच सहयोग से महाभारत से जुड़े संभावित स्थलों को एक Tourism Circuit के तौर पर विकसित करने की दिशा में काम किया जा सकता है। इससे पर्यटकों को अलग-अलग राज्यों में मौजूद पौराणिक स्थलों को एक ही यात्रा योजना के तहत देखने का अवसर मिलेगा।
हालांकि, अभी इस सर्किट के तहत शामिल किए जाने वाले सभी स्थलों और विकास की विस्तृत योजना सामने आना बाकी है। लेकिन दोनों राज्यों के बीच हुई बातचीत को Mythological Tourism Development की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
दिल्ली में BJP Core Committee की बैठक भी अहम
इधर, उत्तराखंड भाजपा की Core Committee Meeting भी बुधवार को नई दिल्ली में होने वाली है। बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के साथ संगठन से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
बैठक में पार्टी की पिछली चुनावी गतिविधियों और उन सीटों की समीक्षा किए जाने की संभावना है, जहां भाजपा को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। इन क्षेत्रों में पार्टी की ओर से किए गए प्रयासों और वरिष्ठ नेताओं के प्रवास का Feedback भी लिया जा सकता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता बैठक में शामिल होंगे। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के मुताबिक, चुनाव को ध्यान में रखते हुए आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों को लेकर भी रणनीति बनाई जाएगी।
Youth Voters पर भी रहेगा फोकस
हाल के युवा आंदोलन के बाद बदले राजनीतिक माहौल को देखते हुए भाजपा के लिए Youth Voters भी अहम मुद्दा बन गए हैं। माना जा रहा है कि बैठक में युवाओं से जुड़े मुद्दों और उन्हें पार्टी से जोड़ने के लिए नए कार्यक्रमों पर भी चर्चा हो सकती है।
ऐसे में एक तरफ उत्तराखंड सरकार Tourism Development और Mahabharata Circuit के जरिए राज्य की पौराणिक विरासत को नए Tourist Destinations से जोड़ने की तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी तरफ भाजपा संगठन आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक रणनीति को धार देने में जुटा है।