Sabarmati Jail से चलता था करोड़ों की रंगदारी रैकेट? Lawrence Bishnoi पर अमेरिका का सनसनीखेज आरोप

Lawrence Bishnoi News: अमेरिका के US Justice Department ने कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को लेकर बड़ा दावा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात की Sabarmati Jail में बंद बिश्नोई ने कथित तौर पर जेल के भीतर से WhatsApp Call और अन्य इंटरनेट आधारित माध्यमों का इस्तेमाल करते हुए अमेरिका में रहने वाले लोगों से करीब 5 मिलियन डॉलर (लगभग 41 करोड़ रुपये) की रंगदारी मांगने की कोशिश की। यह मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

अमेरिकी जांच एजेंसियों का बड़ा खुलासा

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में चल रही विशेष जांच के दौरान सामने आई। जांच में आरोप लगाया गया है कि दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच लॉरेंस बिश्नोई ने जेल के भीतर से कई कॉल और संदेश भेजे। इनका उद्देश्य अमेरिका के लॉस एंजिल्स और थाउजेंड ओक्स में मौजूद लोगों से कथित तौर पर करोड़ों रुपये की वसूली करना था।

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि बिश्नोई का नेटवर्क केवल रंगदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि कई गंभीर आपराधिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहा है।

गोल्डी बराड़ और हरदीप सिंह निज्जर मामले का भी जिक्र

US Justice Department ने अपनी रिपोर्ट में लॉरेंस बिश्नोई और उसके करीबी सहयोगी Goldy Brar पर प्रतिबंधित खालिस्तानी कार्यकर्ता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश से जुड़े गंभीर आरोपों का भी उल्लेख किया है। अमेरिकी एजेंसियों का कहना है कि यह नेटवर्क प्रभावशाली धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक लोगों को निशाना बनाकर भय का माहौल बनाने की कोशिश करता है।

वकील ने आरोपों पर उठाए सवाल

लॉरेंस बिश्नोई की अधिवक्ता रजनी खत्री ने अमेरिकी दावों को चुनौती देते हुए कहा कि उनका मुवक्किल 2023 से साबरमती जेल में एकांत कारावास में है और उसकी गतिविधियों पर 24 घंटे CCTV Surveillance रहती है। उन्होंने कहा कि यदि जेल से WhatsApp कॉल किए जाने का दावा किया जा रहा है तो इसके ठोस सबूत सार्वजनिक किए जाने चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि बिश्नोई अदालत की सुनवाई में केवल Video Conferencing के माध्यम से शामिल होता है और उसकी मुलाकात भी केवल कानूनी टीम से ही कराई जाती है।

NIA की चार्जशीट में भी ऐसे आरोप

भारत की National Investigation Agency (NIA) ने भी वर्ष 2022 की चार्जशीट में दावा किया था कि लॉरेंस बिश्नोई जेल के भीतर से अपने गैंग का संचालन करता था। जांच एजेंसी के अनुसार, प्रतिबंधित मोबाइल फोन और VoIP Devices के जरिए कथित रूप से रंगदारी, हथियारों की तस्करी, मादक पदार्थों के कारोबार और अन्य आपराधिक गतिविधियों का संचालन किया जाता था।

चार्जशीट में पंजाबी गायक Sidhu Moosewala हत्याकांड का भी उल्लेख किया गया था। एजेंसी का दावा था कि उस समय गैंग के कई प्रमुख सदस्य अलग-अलग जेलों में बंद होने के बावजूद आपस में लगातार संपर्क में थे।

अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर भी नजर

अमेरिकी और भारतीय जांच एजेंसियों के अनुसार, गैंग द्वारा कथित रूप से वसूली गई रकम का इस्तेमाल विदेशों में मौजूद सहयोगियों तक धन पहुंचाने और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को सक्रिय रखने के लिए किया जाता था। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की भूमिका की गहराई से जांच कर रही हैं।

हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।