क्या बढ़ने वाले हैं Petrol-Diesel के दाम? Hormuz Strait संकट के बीच सरकार अलर्ट

Fuel Price Update: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के चलते एक बार फिर वैश्विक Oil Market में हलचल तेज हो गई है। Hormuz Strait में सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिला है। हालांकि राहत की बात यह है कि भारत में फिलहाल LPG, Petrol, Diesel और CNG की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। केंद्र सरकार और तेल कंपनियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

फिलहाल नहीं बदले Fuel Rates

9 जुलाई को जारी ताजा अपडेट के अनुसार देशभर में ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर कायम है। घरेलू LPG Cylinder की कीमत 942 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 2930 रुपये पर बना हुआ है। वहीं CNG Price भी स्थिर है और दिल्ली में इसका भाव 83.09 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।

Hormuz Strait पर बढ़ी चिंता

अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार ईरान में बढ़ते तनाव के बाद Hormuz Strait से गुजरने वाले कई तेल और गैस जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। कुछ जहाजों ने सुरक्षा कारणों से अपना मार्ग भी बदल दिया। यही समुद्री मार्ग भारत समेत कई देशों के लिए कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी की सप्लाई का प्रमुख रास्ता माना जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध शुरू होने के बाद से इस मार्ग से भारत आने वाले जहाजों की संख्या सामान्य से काफी कम रही है। इसके चलते भारतीय कंपनियां मध्य-पूर्व से आयात को लेकर सतर्क रणनीति अपना रही हैं।

सरकार की लगातार निगरानी

केंद्र सरकार Energy Security को ध्यान में रखते हुए हालात की लगातार समीक्षा कर रही है। बताया जा रहा है कि भारत फारस की खाड़ी में मौजूद अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विकल्पों पर काम कर रहा है। विदेश मंत्रालय भी क्षेत्र में मौजूद भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर संबंधित देशों के अधिकारियों से संपर्क बनाए हुए है।

सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि कच्चे तेल और एलपीजी की आपूर्ति बाधित न हो और देश में ईंधन की उपलब्धता सामान्य बनी रहे।

भारत के लिए क्यों अहम है Hormuz Strait?

Hormuz Strait भारत की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। युद्ध से पहले भारत के कुल कच्चे तेल के आयात का लगभग 40 प्रतिशत, LNG की करीब 60 प्रतिशत खेप और LPG Supply का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से होकर आता था। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव वैश्विक तेल बाजार और भारत की ऊर्जा सुरक्षा दोनों पर असर डाल सकता है।

हालांकि फिलहाल देश में ईंधन की सप्लाई सामान्य बनी हुई है और उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और एलपीजी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और आवश्यकता पड़ने पर आगे के कदम उठाए जा सकते हैं।