मस्जिदों से शुरू हुई Voter Awareness मुहिम, Uttarakhand में Political Activity तेज

Uttarakhand में जल्द शुरू होने वाले Special Intensive Revision (SIR) यानी Voter List Reverification को लेकर राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राज्य के कई इलाकों, खासकर मस्जिदों में ऐसे पोस्टर और सूचनाएं देखी जा रही हैं जिनमें लोगों से पुराने दस्तावेज तैयार रखने की अपील की गई है। इन पोस्टरों में नागरिकों को कहा जा रहा है कि वे अपने पहचान और निवास संबंधी जरूरी दस्तावेज, खासकर पुराने रिकॉर्ड, पहले से तैयार रखें ताकि Voter Verification Process के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।

Uttarakhand में क्यों बढ़ी SIR को लेकर चर्चा?

राज्य में पिछले कुछ समय से Demography Change, Migrant Population और Multiple Voter Entries जैसे मुद्दों को लेकर चर्चा तेज है। प्रशासनिक स्तर पर यह माना जा रहा है कि कई ऐसे नाम Voter List में दर्ज हैं जो वास्तविक रूप से संबंधित क्षेत्रों में मौजूद नहीं हैं।
सूत्रों के अनुसार, कुछ मामलों में ऐसे मतदाताओं की पहचान हुई है जिनके नाम एक से अधिक राज्यों की Voter List में दर्ज बताए जा रहे हैं। इस वजह से अब Voter Data Verification और Electoral Roll Update को गंभीरता से लिया जा रहा है।
राज्य में कुल 11,733 Polling Booths बताए जा रहे हैं, जबकि करीब 811 नए Polling Booth बनाए जाने की तैयारी भी चल रही है। बताया जा रहा है कि Voter Mapping और Booth Verification का अधिकांश काम पूरा हो चुका है।

Political Parties भी हुईं Active

Indian National Congress और Bharatiya Janata Party दोनों ही राजनीतिक दल SIR Process को लेकर अपनी-अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। जानकारी के मुताबिक कांग्रेस ने अपने Booth Level Officers (BLO) और स्थानीय कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर दिया है। वहीं कुछ सामाजिक और धार्मिक संगठनों के कार्यकर्ता भी लोगों को Voter Documents अपडेट करने के लिए जागरूक कर रहे हैं।
दूसरी ओर बीजेपी ने भी अपने बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को Training देकर Missing Voters और New Voters की समीक्षा का काम शुरू कर दिया है।

Dehradun और Border जिलों में बढ़ी जांच

Dehradun समेत उत्तर प्रदेश सीमा से लगे जिलों में Voter Verification को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर मलिन बस्तियों, River Flood Zones और अवैध कब्जों वाले क्षेत्रों की Pre-Mapping की जा रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक देहरादून में वर्षों के दौरान Slum Areas की संख्या तेजी से बढ़ी है। ऐसे इलाकों में रहने वाले लोगों के Voter Registration और Address Verification की भी समीक्षा की जा रही है।

One Nation One Election और One Voter List पर चर्चा

राज्य में SIR को लेकर चल रही चर्चा के बीच “One Nation One Election” और “One Voter List” जैसे मुद्दे भी सामने आने लगे हैं। कई सामाजिक और राजनीतिक वर्गों में यह चर्चा है कि भविष्य में पूरे देश के लिए एक Unified Digital Voter Database तैयार किया जा सकता है।
Experts का मानना है कि Digital Election System और Online Voting जैसी व्यवस्थाएं आने वाले समय में Election Reforms का हिस्सा बन सकती हैं। हालांकि इस विषय पर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

मतदाताओं में बढ़ी जागरूकता

SIR और Voter Verification को लेकर इस बार मतदाताओं में पहले से ज्यादा गंभीरता देखी जा रही है। लोग अपने मूल निवास, Identity Proof और Electoral Records को अपडेट करने में जुटे हैं। Election Process को Transparent और Error-Free बनाने के लिए प्रशासन भी लगातार जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है।