Uttarakhand Snowfall: जून में हिमकुंड में 3 इंच बर्फ, श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर

Uttarakhand Snowfall : उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित Hemkund Sahib में जून के महीने में भी भारी बर्फबारी देखने को मिल रही है। बीते तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही Snowfall के बाद क्षेत्र में करीब 3 इंच मोटी बर्फ की चादर जम चुकी है। बावजूद इसके, श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह चरम पर है।

25 मई को कपाट खुलने के बाद अब तक 30,000 से ज्यादा श्रद्धालु गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब के दर्शन कर चुके हैं। ठंड और बर्फीली हवाओं के बीच श्रद्धालु हिम सरोवर में स्नान करने के बाद दरबार साहिब में मत्था टेक रहे हैं।

15,000 फीट की ऊंचाई पर बर्फीले वातावरण में भी श्रद्धा अटूट

हेमकुंड साहिब लगभग 15,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, जो सिख धर्म के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है। जहां मौसम ने सर्दी का रंग दिखाया है, वहीं श्रद्धालुओं की आस्था ने भी कड़ाके की ठंड को मात दे दी है।
Hemkund Sahib Yatra 2025 की शुरुआत से अब तक की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है, जो दर्शाता है कि श्रद्धालु मौसम की परवाह किए बिना यहां दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं।

यात्रा की व्यवस्थाएं और प्रशासन की भूमिका

श्री हेमकुंड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने बताया कि यात्रा की सुगमता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार और चमोली जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार के मुख्य सचिव आनंद वर्धन से उन्होंने हेमकुंड यात्रा की समीक्षा के संबंध में भेंट की, जिसमें गोविंदघाट में स्थायी पुल (Permanent Bridge) निर्माण पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस पुल की घोषणा पहले ही कर चुके हैं।

इसके अतिरिक्त, घांघरिया पड़ाव पर तीर्थयात्रियों के लिए दो नए हॉलों के निर्माण को स्वीकृति दी गई है, जिससे सुविधाएं और बेहतर हो सकेंगी।

 सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम

यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और व्यवस्था के लिहाज से राज्य प्रशासन ने विशेष ध्यान दिया है।
इनमें शामिल हैं:

  • State Disaster Response Force (SDRF)

  • Anti-Terrorism Squad (ATS)

  • Indo-Tibetan Border Police (ITBP)

ये टीमें यात्रा मार्ग के संवेदनशील और महत्वपूर्ण हिस्सों पर तैनात की गई हैं। इसके अलावा, श्रद्धालुओं के लिए रहने, खाने और प्राथमिक चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।

Hemkund Sahib Yatra 2025 न केवल श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभव है, बल्कि प्रशासनिक प्रबंधन और प्राकृतिक चुनौती से पार पाने का प्रतीक भी बन गई है।
Uttarakhand में जून की Snowfall ने जहां तीर्थ को और पवित्र बना दिया है, वहीं श्रद्धालुओं की अटूट आस्था ने यह साबित कर दिया कि जब श्रद्धा हो, तो मौसम आड़े नहीं आता।