Uttarakhand News: परिवार से विवाद के बाद युवक चढ़ा Mobile Tower, पुलिस ने बचाई जान

हरिद्वार (Haridwar News) के पथरी थाना क्षेत्र में उस वक्त high voltage drama देखने को मिला, जब शराब के नशे में धुत एक युवक करीब 50 meter ऊंचे mobile tower पर चढ़ गया। यह घटना धनपुरा गांव की है, जहां युवक की इस खतरनाक हरकत से इलाके में हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि युवक टावर से बाहर की ओर नहीं गिरा, नहीं तो बड़ा fatal accident हो सकता था।

टावर पर लड़खड़ाया युवक, बाल-बाल बची जान

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टावर पर चढ़ा युवक संतुलन खो बैठा और टावर के अंदर ही गिर पड़ा। हालांकि वह बाहर की ओर नहीं गिरा, जिससे उसकी जान बच गई। युवक की हालत देखकर साफ था कि वह पूरी तरह alcohol intoxication की स्थिति में था। टावर की ऊंचाई पर उसका झूमना देखकर मौके पर मौजूद लोगों की सांसें थम गईं।

पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित उतारा

घटना की सूचना मिलते ही पथरी थाना पुलिस (Pathri Police) तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने युवक को समझा-बुझाकर नीचे उतारने का प्रयास किया। काफी देर तक चले rescue operation के बाद युवक सुरक्षित रूप से टावर से नीचे उतर आया। इस दौरान मौके पर भारी भीड़ जमा रही और गांव में panic situation बनी रही।

परिवार से विवाद के बाद उठाया खतरनाक कदम

पुलिस के अनुसार, टावर पर चढ़ने वाले युवक की पहचान 27 वर्षीय ललित के रूप में हुई है, जो धनपुरा गांव का ही रहने वाला है। मंगलवार शाम को युवक का अपने परिजनों से विवाद हो गया था। इसी नाराजगी के चलते और नशे की हालत में वह गांव के पास लगे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। गुस्से और नशे के मेल ने इस घटना को और भी खतरनाक बना दिया।

पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना, सवालों में पुलिस सतर्कता

पथरी थाना क्षेत्र में यह कोई पहली घटना नहीं है। करीब 10 दिन पहले भी एक युवक नशे की हालत में परिजनों से नाराज होकर मोबाइल टावर की चोटी पर चढ़ गया था। उस समय भी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक को सुरक्षित उतारा था। बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं public safety, mental health awareness और पुलिस की preventive action पर सवाल खड़े कर रही हैं।

बढ़ती घटनाएं बन रही हैं चिंता का कारण

लगातार दूसरी बार मोबाइल टावर पर चढ़ने की घटना सामने आने से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। सवाल यह भी उठ रहा है कि ऐसे संवेदनशील स्थानों की security monitoring क्यों नहीं की जा रही, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके।