Is the CBI investigation stalled due to VIP involvement? Congress issues ultimatum regarding Ankita Bhandari case.
Uttarakhand के चर्चित Ankita Bhandari Murder Case से जुड़ा एक और viral audio clip सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। हालांकि इस ऑडियो की Aaj Tak या Amar Ujala जैसी किसी भी आधिकारिक संस्था ने पुष्टि नहीं की है, लेकिन इसके सामने आने के बाद एक बार फिर मामला सुर्खियों में आ गया है।
इस वायरल ऑडियो में एक व्यक्ति कथित तौर पर एक महिला से बातचीत करते हुए सुनाई देता है। बातचीत के दौरान वह महिला पर आरोप लगाता है कि उसने किसी “big political leader” का नाम जानबूझकर नहीं लिया। व्यक्ति यह कहते हुए सुना जा रहा है कि तीन लोगों में से किसी एक के कहने पर नेता का नाम छुपाया गया, जिसे वह “cheating” करार देता है।
‘नेता का नाम लेने का था वादा’, ऑडियो में आरोप-प्रत्यारोप
ऑडियो में महिला एक बड़े नेता का संदर्भ लेते हुए कहती है कि सामने वाला व्यक्ति उसे पूरी तरह बर्बाद करना चाहता था। महिला का आरोप है कि उस पर दबाव बनाया गया, उसे आरोपी बनाकर blackmailing और defamation जैसे मामलों में फंसाने की कोशिश की गई और जेल भेजने की धमकी दी गई।
वहीं दूसरी ओर, बातचीत में व्यक्ति धोखेबाजी का आरोप दोहराते हुए कहता है कि पहले यह तय हुआ था कि उस नेता का नाम सार्वजनिक किया जाएगा। इस पर महिला जवाब देती है कि उसने मीडिया के सवालों का वही जवाब दिया, जो उससे पूछा गया। बातचीत के दौरान व्यक्ति द्वारा मीडिया को लेकर भी objectionable language का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आ रही है।
BJP Leader Dushyant Gautam को Delhi High Court से बड़ी राहत
इस पूरे घटनाक्रम के बीच BJP leader Dushyant Gautam को Delhi High Court से बड़ी राहत मिली है। Ankita Bhandari murder case में कथित तौर पर उनका नाम जोड़े जाने को लेकर उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में defamation case दायर किया था।
अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए प्रथम दृष्टया सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों को defamatory content माना। जस्टिस मिनी पुष्करणा ने कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP) और अन्य सोशल मीडिया हैंडल्स को निर्देश दिया कि वे दुष्यंत गौतम से जुड़े सभी आपत्तिजनक पोस्ट, वीडियो और कंटेंट को तत्काल हटाएं।
राजनीतिक दलों को चेतावनी, ‘VIP Narrative’ फैलाने पर रोक
दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने interim order में साफ किया कि दोनों राजनीतिक दल अब Ankita Bhandari case में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव को कथित ‘VIP’ बताकर कोई भी कंटेंट पोस्ट नहीं कर सकते। अदालत का मानना है कि इस तरह की सामग्री से नेता की छवि को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
दुष्यंत गौतम ने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा था कि यह उनकी political image खराब करने की सुनियोजित साजिश है। इसके बाद उन्होंने न्यायालय का रुख किया, जहां से उन्हें यह राहत मिली।
सोशल मीडिया पर फिर गरमाया Ankita Bhandari Case
हाल के दिनों में Ankita Bhandari case latest update, viral audio controversy, और VIP name row जैसे keywords के साथ यह मामला फिर से सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा है। नया वायरल ऑडियो सामने आने के बाद एक बार फिर जांच, राजनीति और मीडिया की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं।