The fireman was stuck in the tunnel for 30 minutes, but still saved his life – you would not have seen such bravery!"
उत्तराखंड के हल्द्वानी में बुधवार सुबह हुए एक दर्दनाक हादसे के बीच एक फायर कर्मी की बहादुरी ने सबका दिल जीत लिया। तेज बारिश, उफनती नहर और अंधेरी टनल के बीच राज कुंवर सिंह राणा नाम के फायर जवान ने अपनी जान जोखिम में डालकर एक व्यक्ति की जान बचाई — वो भी तब जब उनकी अपनी सांसें 30 मिनट तक थमी रहीं।
कैसे हुआ हादसा?
बुधवार सुबह हल्द्वानी फायर स्टेशन के पास एक कार बरसाती नहर में गिर गई। कार में सवार लोग—including एक नवजात—घायल हो गए। कार के ऊपर के हिस्से नहर के पास ढाबे की फर्श पर अटके होने से वाहन पूरी तरह नहीं बहा।
शोर-शराबा सुनते ही एफएसओ मिंदर पाल सिंह के नेतृत्व में फायर टीम मौके पर पहुंची। टीम ने तुरंत rescue operation शुरू कर दिया।
जान बचाने के लिए नहर में कूद पड़े जवान
जब फायरमैन राज कुंवर सिंह राणा ने देखा कि रमेश नाम का व्यक्ति नहर में बह रहा है, तो वे बिना सोचे कूद पड़े और उसका हाथ पकड़कर उसे किनारे करने लगे। लेकिन इस बीच तेज बहाव में उनका खुद का संतुलन बिगड़ गया और वह करीब 50 मीटर तक बहते हुए एक अंडरग्राउंड टनल में जा पहुंचे।
वहीं उनका हाथ एक जाल में फंस गया, जिससे उनकी जान बच गई — वरना नतीजा गंभीर हो सकता था।
पन्नी में लिपटा फोन बना जिंदगी की डोर
टनल में फंसे हुए राज कुंवर के पास एक खास तैयारी थी — उन्होंने बारिश को ध्यान में रखते हुए फोन को पॉलिथीन में लपेट रखा था। बहाव थोड़ा कम होने पर उन्होंने जेब से फोन निकालकर कंट्रोल रूम में सूचना दी कि वे टनल में फंसे हैं।
कुछ ही देर में 5-6 फायर कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची और राज कुंवर सिंह राणा को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि उन्हें कई जगह चोटें आईं हैं, लेकिन वो खतरे से बाहर हैं।
लोगों ने कहा: ‘ऐसे फायरमैन को सलाम’
स्थानीय लोगों ने इस heroic act की सराहना की। कहा गया कि अगर राज कुंवर समय रहते नहर में नहीं कूदते, तो रमेश को बचाना नामुमकिन था।