हिमालय केवल प्रतीक नहीं, अब बनना होगा पृथ्वी की जलवायु सुरक्षा का केंद्र : दुर्गेश पंत
हिमालय की ओर खिंचाव एक आंतरिक पुकार है-स्वामी विवेकानंद ने सदियों पहले ये शब्द कहे थे। उनके लिए हिमालय केवल शांति और एकांत का प्रतीक नहीं थे, बल्कि यह आत्मबल, प्रकृति और सभ्यता की अदम्य शक्ति के रूप में सामने आए। आज, जब मानव सभ्यता तकनीकी…