Sonam Wangchuk Protest: भूख हड़ताल के 20वें दिन क्या बोले वांगचुक, जानिए पूरा मामला

Sonam Wangchuk Hunger Strike लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे और सरकार से जवाबदेही की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक लगातार 20वें दिन भी आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनकी सेहत पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर रख रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उनका वजन करीब 9 किलोग्राम तक घट चुका है, जिससे उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है।

अनशन के दौरान सोनम वांगचुक ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि वह हर हाल में 20 जुलाई तक जीवित रहने की कोशिश करेंगे ताकि संसद तक होने वाले मार्च में शामिल हो सकें। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी कहा कि यदि मार्च सफल नहीं हुआ तो वह “भूत बनकर लौट आएंगे।” उनके इस बयान को सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया और समर्थकों ने इसे उनके मजबूत हौसले और Sense of Humour का उदाहरण बताया। साथ ही युवाओं से बड़ी संख्या में Parliament March में शामिल होने की अपील भी की गई।

इस आंदोलन को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनारयी विजयन ने केंद्र सरकार पर सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर संवेदनहीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति चिंताजनक होती जा रही है और सरकार को उनकी मांगों पर जल्द बातचीत शुरू करनी चाहिए। उनका कहना है कि सरकार आंदोलन और उससे जुड़े मुद्दों को गंभीरता से नहीं ले रही है।

विजयन ने यह भी आरोप लगाया कि जिस तरह NEET Paper Leak से प्रभावित छात्रों की चिंताओं को नजरअंदाज किया गया, उसी तरह सोनम वांगचुक की स्थिति को भी अनदेखा किया जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि स्वास्थ्य में और गिरावट आने से पहले तत्काल हस्तक्षेप कर समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएं।

दिल्ली के Jantar Mantar में यह प्रदर्शन पिछले 25 दिनों से जारी है, जबकि सोनम वांगचुक 28 जून से आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। अब तक सरकार और आंदोलनकारियों के बीच किसी औपचारिक वार्ता की शुरुआत नहीं हुई है। ऐसे में Sonam Wangchuk Protest, Hunger Strike, Parliament March और NEET Protest जैसे मुद्दे लगातार राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बने हुए हैं।