नैनीताल से हल्द्वानी शिफ्ट होगा हाईकोर्ट, 1000 चेंबर से लेकर गेस्ट हाउस तक मिलेगा बड़ा फायदा

Uttarakhand High Court Relocation को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चा के बीच अब तस्वीर साफ हो गई है। Supreme Court के आदेश के बाद उत्तराखंड हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी स्थानांतरित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। न्यायिक क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और अधिवक्ताओं का मानना है कि यह फैसला हाईकोर्ट के विस्तार और आधुनिक न्यायिक सुविधाओं के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

नए परिसर में बढ़ेंगी न्यायिक सुविधाएं

वर्तमान में नैनीताल स्थित हाईकोर्ट परिसर सीमित जगह के कारण कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। यहां अधिवक्ताओं के लिए चेंबरों की भारी कमी है, जबकि न्यायाधीशों और कर्मचारियों के लिए भी आवासीय सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। हल्द्वानी में बनने वाले नए High Court Campus में इन सभी समस्याओं का समाधान किए जाने की उम्मीद है।

हजारों वकीलों को मिलेगा सीधा लाभ

उत्तराखंड हाईकोर्ट में वर्तमान समय में लगभग 3,000 से 4,000 अधिवक्ता सक्रिय सदस्य हैं, जबकि Bar Council of Uttarakhand में करीब 25,000 वकील पंजीकृत हैं। मौजूदा परिसर में पुराने और नए ब्लॉक को मिलाकर केवल लगभग 130 चेंबर उपलब्ध हैं। जगह की कमी के कारण कई चेंबरों का उपयोग एक साथ कई अधिवक्ता करते हैं, जबकि अनेक वकीलों को हल्द्वानी, रामनगर और कालाढूंगी जैसे क्षेत्रों में किराये पर निजी कार्यालय चलाने पड़ते हैं।

बार एसोसिएशन का कहना है कि नए परिसर में करीब 1,000 चेंबरों की आवश्यकता पूरी की जा सकेगी, जिससे अधिवक्ताओं को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा।

जजों और कर्मचारियों के लिए भी बेहतर व्यवस्था

नई High Court Building में न्यायाधीशों, न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आधुनिक आवासीय कॉलोनी विकसित किए जाने की योजना है। वर्तमान में सीमित आवासीय व्यवस्था के कारण कई अधिकारियों और कर्मचारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। नए परिसर में इन सुविधाओं का विस्तार होने से न्यायिक कार्यों की दक्षता भी बढ़ने की उम्मीद है।

Bar Council बनाएगी कार्यालय और Guest House

Bar Council of Uttarakhand ने भी नए परिसर में अपना बड़ा कार्यालय स्थापित करने की योजना बनाई है। परिषद के अनुसार बढ़ते प्रशासनिक कार्यों को देखते हुए आधुनिक कार्यालय की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।

इसके अलावा दूर-दराज के जिलों से मुकदमों की पैरवी के लिए आने वाले अधिवक्ताओं को राहत देने के लिए Guest House का निर्माण भी प्रस्तावित है। इससे वकीलों को महंगे होटलों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और उन्हें किफायती आवास सुविधा उपलब्ध होगी।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हुआ स्वागत

High Court Bar Association ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए इसे न्यायिक व्यवस्था के विस्तार की दिशा में सकारात्मक कदम बताया। एसोसिएशन की बैठक में पदाधिकारियों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने नए परिसर से मिलने वाली सुविधाओं पर चर्चा की और उम्मीद जताई कि इससे न्यायिक व्यवस्था अधिक प्रभावी और आधुनिक बनेगी। इस अवसर पर हरेला पर्व भी मनाया गया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

नए हाईकोर्ट परिसर से मिलने वाले प्रमुख लाभ

अधिवक्ताओं के लिए लगभग 1,000 नए चेंबर विकसित किए जा सकेंगे।
न्यायाधीशों और कर्मचारियों के लिए बेहतर Residential Facilities उपलब्ध होंगी।
Bar Council Office का आधुनिक भवन बनाया जाएगा।
दूर-दराज से आने वाले अधिवक्ताओं के लिए Guest House की सुविधा विकसित होगी।
न्यायिक कार्यों के लिए अधिक आधुनिक और विस्तृत Court Infrastructure तैयार किया जाएगा।
पार्किंग, रिकॉर्ड प्रबंधन और अन्य प्रशासनिक सुविधाओं का भी विस्तार होगा।